
भाखड़ा पेयजल पाइपलाइन से टी-कनेक्शन की मांग को लेकर करीब 40 दिनों से आंदोलन कर रहे चानौत गांव के ग्रामीणों को गुरुवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान बड़ा जवाब मिला। ग्रामीणों के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को स्पष्ट रूप से बताया गया कि मौजूदा नियमों के तहत भाखड़ा पाइपलाइन से टी-कनेक्शन देना संभव नहीं है। हालांकि मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि गांव को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और इस दिशा में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि हिसार दौरे के दौरान वह चानौत गांव का दौरा करेंगे।
धरना जारी रखने पर ग्रामीण करेंगे फैसला
मुख्यमंत्री से हुई बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि अब वे धरना स्थल पर पहुंचकर सभी ग्रामीणों से चर्चा करेंगे। इसके बाद सामूहिक राय के आधार पर आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी। पिछले करीब 40 दिनों से ग्रामीण टी-कनेक्शन की मांग को लेकर लगातार धरने पर बैठे हुए हैं।

सरकार ने दिया अलग पाइपलाइन का विकल्प
सरकार ने पहले भी साफ किया था कि अमृत-2 योजना के तहत बिछाई जा रही भाखड़ा पाइपलाइन से टी-कनेक्शन तकनीकी और नियमों के कारण संभव नहीं है। इसके विकल्प के रूप में जल जीवन मिशन के तहत खरकड़ी हेड या राजली हेड से चानौत गांव तक अलग पेयजल पाइपलाइन बिछाने का प्रस्ताव रखा गया है।
निर्बाध जलापूर्ति के लिए विशेष व्यवस्था
सरकार की प्रस्तावित योजना में गांव के लिए अलग बिजली लाइन, जनरेटर और अतिरिक्त 50 हॉर्स पावर की मोटर लगाने का प्रावधान भी शामिल है। सरकार का कहना है कि इन व्यवस्थाओं के जरिए चानौत गांव को बिना किसी बाधा के स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। अब सभी की नजर इस बात पर है कि ग्रामीण सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार करते हैं या आंदोलन को आगे बढ़ाने का फैसला लेते हैं।