
बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा का नामांकन अब नए विवाद में घिर गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने उनकी शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि उन्होंने चुनावी हलफनामे में इंटरमीडिएट (12वीं) की जानकारी का उल्लेख नहीं किया। आरजेडी नेता मुकेश रोशन ने इस मामले में न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की बात कही है और नामांकन रद्द करने की मांग उठाई है।
मैट्रिक के बाद सीधे ग्रेजुएशन पर उठे सवाल
मुकेश रोशन ने कहा कि नीरज कुमार सिन्हा के हलफनामे के अनुसार उन्होंने वर्ष 2012 में मैट्रिक पास किया और 2024 में ग्रेजुएशन पूरा किया, लेकिन इंटरमीडिएट की शिक्षा का कहीं उल्लेख नहीं किया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ग्रेजुएशन किया गया है तो इंटर कब और किस संस्थान से पास किया गया। आरजेडी का कहना है कि इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए।

नामांकन रद्द करने की मांग, कोर्ट जाने की तैयारी
आरजेडी नेता ने आरोप लगाया कि यदि दस्तावेजों में कोई गड़बड़ी या तथ्य छिपाए गए हैं तो चुनाव आयोग और अदालत को इसकी जांच करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले को लेकर न्यायालय जाएगी। हालांकि, अभी तक चुनाव आयोग या संबंधित अधिकारियों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है और न ही किसी जांच की पुष्टि हुई है।
पहले भी रद्द हो चुका है एक उम्मीदवार का नामांकन
बांकीपुर उपचुनाव में इससे पहले जनशक्ति जनता दल (JJD) की उम्मीदवार वीणा मानवी का नामांकन तकनीकी कारणों से रद्द हो चुका है। उनके नामांकन पत्र में आवश्यक 10 प्रस्तावकों के बजाय केवल 9 प्रस्तावकों के हस्ताक्षर पाए गए थे। अब नीरज कुमार सिन्हा के हलफनामे को लेकर उठे सवालों ने चुनावी मुकाबले को और अधिक राजनीतिक बना दिया है। आगे इस मामले में चुनाव आयोग या अदालत क्या रुख अपनाती है, इस पर सभी की नजर रहेगी।
