चांदनी महल के पहाड़ी भोजला में बारिश के दौरान जर्जर इमारत का हिस्सा गिरा, बाल-बाल बचे लोग

दिल्ली में लगातार हो रही तेज बारिश के बीच पुरानी और जर्जर इमारतों को लेकर खतरा एक बार फिर सामने आया है। चांदनी महल इलाके में सोमवार सुबह इमारत का हिस्सा अचानक गिरने से कई दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए, हालांकि राहत की बात रही कि कोई घायल नहीं हुआ।
बारिश के बीच अचानक गिरा इमारत का हिस्सा
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार, 24 अगस्त को तेज बारिश के बीच एक हादसा सामने आया। चांदनी महल थाना क्षेत्र के पहाड़ी भोजला इलाके में सुबह एक जर्जर इमारत का हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया।
हादसे के वक्त आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। मलबा सड़क और उसके आसपास खड़े वाहनों पर जा गिरा, जिससे कई दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
3-4 बाइक और स्कूटी को नुकसान
पुलिस के अनुसार, घटना की सूचना सुबह करीब 11:22 बजे PCR कॉल के जरिए मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और इलाके को सुरक्षित किया।

मलबे के नीचे या आसपास खड़े करीब तीन से चार मोटरसाइकिल और स्कूटी क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने सावधानीपूर्वक वाहनों को वहां से हटाया ताकि किसी अन्य व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे।
राहत की बात, कोई घायल नहीं
हादसे में फिलहाल किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है। यह राहत की बात है कि इमारत का हिस्सा गिरने के बावजूद कोई बड़ा जनहानि वाला हादसा नहीं हुआ।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा और स्थिति को नियंत्रित किया। बारिश के बीच जर्जर निर्माण का हिस्सा गिरने से इलाके में कुछ समय के लिए चिंता का माहौल रहा।
पहले से जर्जर थी इमारत
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि संबंधित इमारत पहले से ही जर्जर स्थिति में थी। ऐसे में लगातार बारिश के बीच उसकी स्थिति और कमजोर होने की आशंका जताई जा रही है।
दिल्ली में मानसून के दौरान पुरानी इमारतों की सुरक्षा अक्सर चिंता का विषय बन जाती है। खासकर घनी आबादी वाले इलाकों में ऐसी घटनाएं राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों के लिए जोखिम बढ़ा देती हैं।
MCD पहले जारी कर चुका था नोटिस
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि MCD की ओर से इमारत की स्थिति को लेकर पहले ही नोटिस जारी किया गया था। बताया गया है कि इमारत में मरम्मत का काम भी चल रहा था।
अब पुलिस और संबंधित MCD अधिकारी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। यह देखा जा रहा है कि इमारत की मरम्मत और सुरक्षा को लेकर निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जा रहा था या नहीं।
जर्जर इमारतों पर फिर उठे सवाल
बारिश के मौसम में किसी जर्जर इमारत का हिस्सा गिरना सिर्फ संपत्ति के नुकसान तक सीमित नहीं रहता। भीड़भाड़ वाले इलाकों में ऐसी घटनाएं कभी भी गंभीर हादसे का रूप ले सकती हैं।
चांदनी महल की घटना में किसी की जान नहीं गई, लेकिन क्षतिग्रस्त हुए वाहन और पहले से जारी MCD नोटिस यह सवाल जरूर उठाते हैं कि जर्जर इमारतों की निगरानी और मरम्मत को लेकर कार्रवाई कितनी प्रभावी है।
