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अमृतपाल सिंह को लेकर फिर गरमाई पंजाब की राजनीति, मां ने CM मान से पूछे सवाल

पंजाब की राजनीति में एक बार फिर खडूर साहिब से सांसद और ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह का मुद्दा सुर्खियों में आ गया है। जेल में बंद अमृतपाल सिंह की मां बलविंदर कौर ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से सीधे सवाल करते हुए पूछा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम यानी एनएसए के तहत हिरासत खत्म होने के बावजूद उनके बेटे को असम से पंजाब वापस क्यों नहीं लाया जा रहा। इस घटना के बाद राज्य की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है।

मुख्यमंत्री की यात्रा के दौरान सामने आईं अमृतपाल की मां

मुख्यमंत्री भगवंत मान इन दिनों ‘शुकराना यात्रा’ के तहत अलग-अलग इलाकों में लोगों से मुलाकात कर रहे हैं। इसी दौरान बलविंदर कौर मुख्यमंत्री के काफिले के पास पहुंच गईं और उन्होंने भावुक अंदाज में अपनी बात रखी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में वह मुख्यमंत्री से कहती नजर आ रही हैं कि “आप भी एक मां के बेटे हैं, मेरी बात सुनिए। एनएसए खत्म हो चुका है फिर भी अमृतपाल को पंजाब क्यों नहीं लाया जा रहा?” यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और इसे लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आने लगी हैं।

अमृतपाल सिंह को लेकर फिर गरमाई पंजाब की राजनीति, मां ने CM मान से पूछे सवाल

एनएसए खत्म होने के बाद भी जेल में क्यों हैं अमृतपाल

जानकारी के अनुसार अमृतपाल सिंह को अप्रैल 2023 में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था और तब से वह असम की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में बंद हैं। हालांकि 22 अप्रैल 2026 को उनकी एनएसए के तहत हिरासत समाप्त हो गई थी, लेकिन अगले ही दिन उन्हें अजनाला थाने पर हुए हमले के मामले में दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया। इसी वजह से वह अभी भी डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं और कानूनी प्रक्रिया जारी है।

हाईकोर्ट के निर्देश और बढ़ती राजनीतिक चर्चा

पिछले महीने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए निर्देश दिया था कि अमृतपाल सिंह को अमृतसर की निचली अदालत में वर्चुअल माध्यम से पेश किया जाएगा। गौरतलब है कि फरवरी 2023 में अजनाला थाने पर हुए हमले के बाद पंजाब पुलिस ने अमृतपाल सिंह के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया था। करीब एक महीने की तलाश के बाद उन्हें मोगा जिले के रोडे गांव से गिरफ्तार किया गया था। अब उनकी मां के बयान और वायरल वीडियो ने इस पूरे मामले को फिर से राजनीतिक और सामाजिक बहस के केंद्र में ला दिया है।

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