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भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बढ़ी सियासी हलचल, परिवार से मिले सभापति

भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में हुए चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। इसी क्रम में रविवार को बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह पीड़ित परिवार से मिलने बिलौटी गांव पहुंचे। उन्होंने भरत तिवारी के माता-पिता और परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की तथा न्याय दिलाने का भरोसा दिया। इस दौरान उन्होंने परिवार की समस्याओं और पूरे घटनाक्रम की जानकारी भी ली।

परिवार के दुख में सहभागी बनने पहुंचे सभापति

परिजनों से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि वह इस क्षेत्र के निवासी होने के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी के तहत परिवार के दुख में सहभागी बनने आए हैं। उन्होंने कहा कि किसी परिवार के जवान बेटे की मौत बेहद दुखद होती है और भरत तिवारी के माता-पिता जिस पीड़ा से गुजर रहे हैं, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले से जुड़ी हर जानकारी मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जाएगी।

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बढ़ी सियासी हलचल, परिवार से मिले सभापति

समयबद्ध और निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

विधान परिषद सभापति ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मामले की न्यायिक जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की नियुक्ति एक सकारात्मक कदम है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जांच की एक निश्चित समय सीमा तय होनी चाहिए ताकि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री से आग्रह करेंगे कि जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द सार्वजनिक की जाए और सभी पहलुओं की निष्पक्ष पड़ताल हो।

सीबीआई जांच और मोबाइल विवाद पर भी बोले

सीबीआई जांच की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि गांव के कई लोगों ने यह मांग उनके सामने रखी है। उन्होंने कहा कि वह इस विषय पर भी मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे, लेकिन फिलहाल न्यायिक जांच की प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखना जरूरी है। वहीं भरत तिवारी के मोबाइल फोन को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने बताया है कि मोबाइल अभी तक परिवार को नहीं सौंपा गया है। इस संबंध में भी वह प्रशासन से जानकारी लेकर सरकार के समक्ष मुद्दा उठाएंगे।

आर्थिक सहायता दिलाने का दिया आश्वासन

सभापति ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति भी काफी कमजोर है। उन्होंने कहा कि सरकार से आर्थिक सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर वह व्यक्तिगत स्तर पर भी मदद करने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी बताया कि परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें कुछ दस्तावेज और तस्वीरें दिखाई हैं, जिन्हें वह संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएंगे ताकि जांच के दौरान किसी भी पहलू की अनदेखी न हो।

पुलिस व्यवस्था पर टिप्पणी से किया इनकार

बिहार की पुलिस व्यवस्था और पुलिसिंग मॉडल पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए अवधेश नारायण सिंह ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह एक संवैधानिक पद पर हैं और जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। उन्होंने दोहराया कि निष्पक्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए आवश्यक है।

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