
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बेंगलुरु में Art of Living Foundation के 45वें स्थापना दिवस समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने परिसर में बने विशेष ध्यान केंद्र ‘ध्यान मंदिर’ का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में आध्यात्मिक गुरु Sri Sri Ravi Shankar भी मौजूद रहे। यह आयोजन उनके 70वें जन्मदिवस के अवसर पर किया गया, जिसे संस्था द्वारा भव्य रूप से मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री की उपस्थिति ने इस समारोह को और अधिक महत्वपूर्ण और चर्चित बना दिया।
“शताब्दी समारोह में फिर आऊंगा” PM मोदी का भावुक संबोधन
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मंच से संबोधित करते हुए कहा कि वे आने वाले शताब्दी समारोह में फिर शामिल होने का प्रयास करेंगे। उन्होंने ध्यान मंदिर के उद्घाटन को एक महत्वपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि जब संकल्प स्पष्ट हो और सेवा भाव से कार्य किया जाए, तो परिणाम हमेशा सकारात्मक होते हैं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह सुबह उनके लिए विशेष अनुभूति लेकर आई है, जहां वैदिक मंत्रोच्चार, भगवान गणेश के दर्शन और गुरुदेव के 70 वर्ष जैसे कई भावनात्मक क्षण शामिल रहे।

समाज की शक्ति और युवा पीढ़ी पर पीएम मोदी का फोकस
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने समाज की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि कोई भी बड़ा अभियान तभी सफल होता है जब समाज की शक्ति उसके साथ जुड़ती है। उन्होंने कहा कि सरकारें तब ही प्रभावी होती हैं जब समाज राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाता है। उन्होंने युवाओं की भूमिका को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि भारत आज तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। डिजिटल क्रांति, स्टार्टअप इकोसिस्टम और स्पेस टेक्नोलॉजी में भारत की उपलब्धियों का श्रेय उन्होंने युवाओं को दिया।
#WATCH कर्नाटक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेंगलुरु में आर्ट ऑफ़ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में नए बने ध्यान मंदिर का उद्घाटन करेंगे। आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर भी मौजूद हैं। pic.twitter.com/wQDNbf9fQC
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 10, 2026
बेंगलुरु की आध्यात्मिक पहचान और भारत की वैश्विक प्रगति पर जोर
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बेंगलुरु की विशेषता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह शहर केवल सॉफ्टवेयर और तकनीक का केंद्र नहीं है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को भी नई ऊंचाई देता है। उन्होंने कहा कि भारत आज डिजिटल पेमेंट्स में वैश्विक नेतृत्व कर रहा है और दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की प्रगति में युवाओं और आध्यात्मिक संस्थाओं का बड़ा योगदान है, जिससे भारत वैश्विक मंच पर नई पहचान बना रहा है।