
पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष परगट सिंह और पार्टी के प्रदेश प्रभारी महासचिव सचिन पायलट गुरुवार को अमृतसर पहुंचे। दोनों नेताओं ने श्री हरमंदिर साहिब पहुंचकर माथा टेका और अरदास की।
अमृतसर हवाई अड्डे पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दोनों नेताओं का स्वागत किया। उनके पहुंचने पर ढोल बजाए गए और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। इसके बाद परगट सिंह और सचिन पायलट पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के साथ स्वर्ण मंदिर पहुंचे।
‘शुकराना अदा करने और आशीर्वाद लेने आया हूं’
स्वर्ण मंदिर में माथा टेकने के बाद परगट सिंह ने कहा कि वह यहां शुकराना अदा करने और गुरु घर का आशीर्वाद लेने आए हैं। उन्होंने इस दौरे को राजनीतिक गतिविधि के बजाय आस्था और आभार से जोड़ा।
इस दौरान विधायक सुखबिंदर सिंह सरकारिया, पूर्व उपमुख्यमंत्री ओपी सोनी, पूर्व मंत्री राज कुमार वेरका, विजय इंदर सिंगला और सुखविंदर सिंह डैनी समेत कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर भी जाएंगे नेता
अमृतसर दौरे के दौरान कांग्रेस नेताओं के स्वर्ण मंदिर के अलावा दुर्गियाना मंदिर, सेंट पॉल चर्च और रामतीर्थ मंदिर जाने का कार्यक्रम भी है। पार्टी की ओर से इसे विभिन्न धार्मिक स्थलों पर जाकर आशीर्वाद लेने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं का यह दौरा ऐसे समय हुआ है, जब पार्टी पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर संगठन को सक्रिय करने में जुटी है।

पंजाब के लिए काम करने की बात
पूर्व मंत्री राज कुमार वेरका ने कहा कि वे सचिन पायलट के नेतृत्व में अमृतसर पहुंचे हैं और सभी नेता पंजाब के कल्याण के लिए काम करेंगे। यह संदेश ऐसे समय दिया गया है, जब पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के बाद संगठन को एकजुट करने पर जोर दिया जा रहा है।
नए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह ने भी पार्टी नेताओं के बीच सामूहिक रूप से आगे बढ़ने की बात कही है। उनके अमृतसर दौरे को कांग्रेस की चुनावी तैयारियों की शुरुआत से जोड़कर देखा जा रहा है।
राजा वड़िंग की जगह परगट सिंह को मिली कमान
कांग्रेस ने हाल ही में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद में बदलाव किया है। पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान और जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह को अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया। वड़िंग ने कांग्रेस नेतृत्व से मुलाकात के बाद पद से इस्तीफा दिया था।
पार्टी के भीतर लंबे समय से चल रही खींचतान और वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेदों की पृष्ठभूमि में यह बदलाव हुआ। अब नए नेतृत्व के सामने संगठन को साथ लेकर आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को आगे बढ़ाने की चुनौती है।
2027 चुनाव से पहले एकजुटता पर जोर
परगट सिंह और सचिन पायलट का अमृतसर दौरा पंजाब कांग्रेस के लिए संगठनात्मक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व की कोशिश है कि नेतृत्व परिवर्तन के बाद सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चुनावी तैयारियां आगे बढ़ाई जाएं।
स्वर्ण मंदिर में माथा टेकने के बाद दोनों नेताओं की मौजूदगी में कांग्रेस ने एकजुटता और पंजाब के लिए काम करने का संदेश दिया। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नया नेतृत्व संगठनात्मक स्तर पर इन प्रयासों को किस तरह आगे बढ़ाता है।
