
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे आने से पहले राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी ने मतदान प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि दोनों सीटों पर वास्तविक रूप से चुनाव नहीं हुआ और EVM में गड़बड़ी की गई।
कोलकाता में मीडिया से बातचीत के दौरान ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि लोगों को मतदान करने से रोका गया और कुछ जगहों पर आधार कार्ड तक लिए गए। उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस ने छापेमारी की और मतदान प्रक्रिया को प्रभावित किया। हालांकि,
ममता ने स्पष्ट किया कि उन्होंने इन घटनाओं को खुद नहीं देखा है और ये बातें उन्हें विभिन्न पक्षों से बताई गई हैं।
EVM को लेकर ममता ने उठाए सवाल
ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के उस कथित बयान का संदर्भ देते हुए सवाल उठाया कि मतगणना में गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। इसके बाद उन्होंने आरोप लगाया कि गड़बड़ी काउंटिंग के दौरान नहीं, बल्कि EVM के स्तर पर ही कर दी गई।
उनका कहना था कि चुनाव से पहले ही बीजेपी नेताओं द्वारा जीत के अंतर को लेकर दावे किए जा रहे थे। ममता ने इसे ‘छापा वोट’ और ‘लूट का वोट’ जैसे शब्दों से संबोधित किया।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। वहीं, मतदान के दौरान शिकायतें और राजनीतिक दलों की ओर से अनियमितताओं के आरोप जरूर सामने आए थे।
दोनों सीटों पर करीब 80 फीसदी मतदान
नंदीग्राम और रेजीनगर में 6 अक्टूबर को मतदान हुआ था। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक शाम 5 बजे तक नंदीग्राम में 79.39 प्रतिशत और रेजीनगर में 78.42 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। दोनों सीटों पर करीब 5.24 लाख मतदाता थे। मतगणना 9 अक्टूबर को होगी।
मतदान के दौरान छिटपुट घटनाओं, मतदाताओं को प्रभावित करने और मतदान प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप सामने आए। कांग्रेस ने दोनों सीटों पर दोबारा मतदान कराने की मांग भी की। दूसरी ओर, बीजेपी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया और नंदीग्राम में मतदान को शांतिपूर्ण बताया।
बीजेपी का 50 हजार वोट से जीत का दावा
नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर बीजेपी ने बड़े अंतर से जीत का दावा किया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पार्टी दोनों सीटों पर जीत हासिल करेगी और नंदीग्राम में जीत का अंतर बड़ा होगा। बीजेपी की ओर से नंदीग्राम में करीब 50 हजार वोटों के अंतर से जीत का दावा भी सामने आया है।
नंदीग्राम सीट शुभेंदु अधिकारी के भवानीपुर सीट बरकरार रखने के बाद खाली हुई थी। उपचुनाव में बीजेपी ने हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस के मिलन प्रधान को ममता बनर्जी ने समर्थन दिया है।

रेजीनगर में भी बहुकोणीय मुकाबला
रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई। 2026 के विधानसभा चुनाव में कबीर ने रेजीनगर और नौदा दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी और बाद में रेजीनगर सीट छोड़ दी थी। उपचुनाव में उनकी पार्टी एजेयूपी ने उनके बेटे गुलाम नबी आजाद को उम्मीदवार बनाया है।
रेजीनगर में बीजेपी के सखराव सरकार, टीएमसी के रबीउल आलम चौधरी, टीएमसी के प्रतिद्वंद्वी गुट के मोहम्मद एतेशामुल हक और कांग्रेस के मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफ़ी समेत कई उम्मीदवार मैदान में हैं।
9 अक्टूबर को सामने आएगा जनता का फैसला
नंदीग्राम और रेजीनगर के नतीजे 9 अक्टूबर को सामने आएंगे। इससे पहले ममता बनर्जी के आरोपों ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है। खास बात यह है कि मतदान प्रतिशत काफी ऊंचा रहा, लेकिन इसके साथ ही अलग-अलग राजनीतिक दलों की ओर से मतदान प्रक्रिया को लेकर शिकायतें भी सामने आईं।
अब सभी की नजर मतगणना पर है। नतीजे यह तय करेंगे कि इन दोनों हाई-प्रोफाइल सीटों पर मतदाताओं ने किसे समर्थन दिया। साथ ही, चुनाव प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोपों पर चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों की ओर से आने वाली जानकारी भी महत्वपूर्ण होगी।
