
बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। सोमवार (22 जून 2026) को राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि किसी भी एनकाउंटर को केवल एक व्यक्ति की मौत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह सच और न्याय से जुड़ा मुद्दा है। मनोज झा ने कहा कि एनकाउंटर केवल व्यक्ति का नहीं बल्कि सच का भी होता है और इससे कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने से पहले ही दब सकते हैं।
“एनकाउंटर से अपराध के नेटवर्क पर पर्दा पड़ जाता है”
मनोज झा ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति घोषित अपराधी भी हो, तब भी कानून का उद्देश्य उसे पकड़कर उसके पूरे नेटवर्क का खुलासा करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपराध की जड़ तक पहुंचना, उसके सहयोगियों और पूरे गिरोह का पता लगाना कानून व्यवस्था का अहम हिस्सा है। उनके अनुसार जब किसी आरोपी का एनकाउंटर हो जाता है तो उससे जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल हमेशा के लिए दब जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाई से अपराध की पूरी सच्चाई सामने नहीं आ पाती और जांच अधूरी रह जाती है।

पंकज त्रिपाठी के भाई पर हमले को लेकर भी सरकार पर निशाना
आरजेडी सांसद ने अभिनेता पंकज त्रिपाठी के बड़े भाई पर हुए कथित जानलेवा हमले का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि यह घटना बिहार की बिगड़ती कानून व्यवस्था की ओर इशारा करती है। मनोज झा ने कहा कि पंकज त्रिपाठी देश के सम्मानित कलाकारों में गिने जाते हैं और उनके परिवार पर हमला होना चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि राज्य में आम नागरिकों के साथ-साथ प्रतिष्ठित परिवार भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।
“बिहार का हर परिवार खौफ में जी रहा है”
सरकार पर हमला बोलते हुए मनोज झा ने कहा कि बिहार का हर परिवार डर और असुरक्षा के माहौल में जी रहा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य के लगभग हर जिले और प्रखंड से अपराध की खबरें सामने आ रही हैं। उनके अनुसार अखबारों के पन्ने अपराध, हमले और हिंसा की घटनाओं से भरे पड़े हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति दर्शाती है कि प्रशासन अपराध नियंत्रण में प्रभावी भूमिका नहीं निभा पा रहा है।
सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल
मनोज झा ने कहा कि जनता ने जिस नेतृत्व के नाम पर वोट दिया था, आज वही जनादेश कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर रही है। आरजेडी सांसद ने कहा कि बिहार में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर गंभीर चिंतन की आवश्यकता है। उन्होंने मांग की कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो ताकि सभी तथ्यों का खुलासा हो सके और जनता का विश्वास बना रहे।