
CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की जमानत के बाद अभिनेता प्रकाश राज ने एक वीडियो जारी कर पीस बॉन्ड की शर्तों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे प्रदर्शनकारियों पर दबाव बताते हुए सरकार को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि युवा इस पूरे घटनाक्रम को देख रहे हैं।
50-50 हजार के बॉन्ड पर मिली जमानत
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को 21 अक्टूबर को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत से जमानत मिली। दोनों ने अदालत में शांति भंग नहीं करने और जंतर-मंतर पर किसी तरह का प्रदर्शन आयोजित नहीं करने का लिखित भरोसा दिया।
अदालत ने दोनों के लिए 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और जमानती बॉन्ड की शर्त रखी। हालांकि, जमानत मिलने के बावजूद मामले की जांच जारी रहेगी और दोनों को आगे की सुनवाई में अदालत के सामने उपस्थित होना होगा।
प्रकाश राज ने पीस बॉन्ड पर उठाया सवाल
प्रकाश राज ने वीडियो संदेश में कहा कि प्रदर्शनकारियों से दोबारा विरोध नहीं करने के लिए पीस बॉन्ड साइन करवाना दबाव बनाने जैसा है। उन्होंने दावा किया कि देश के युवा इस पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं।
उन्होंने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR को रद्द करने की मांग का भी जिक्र किया। प्रकाश राज ने कहा कि आने वाले समय में बड़ी संख्या में लोग विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं।

‘सरकार जेम्स बॉन्ड है क्या?’
अपने बयान में प्रकाश राज ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों से पीस बॉन्ड साइन करवाए जा रहे हैं। उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा कि सरकार जेम्स बॉन्ड है क्या?
उन्होंने यह भी कहा कि CJP के युवा जल्द फिर एकजुट होंगे। प्रकाश राज ने अपने वीडियो में राहुल गांधी के नेतृत्व में बड़े आंदोलन की संभावना का दावा भी किया।
तिरंगा फहराने के बाद हिरासत में लिए गए थे नेता
मामला 13 अक्टूबर का है, जब सौरव दास और आशुतोष रांका दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे थे। दोनों ने कथित तौर पर बंद गेट को पार कर वहां तिरंगा फहराया था। वे जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने के विरोध में प्रदर्शन करना चाहते थे।
इसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया था। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, उनकी कार्रवाई पहले दिए गए पीस बॉन्ड की शर्तों से जुड़ी थी।
अब क्राइम ब्रांच के सामने पेशी
रिहाई के बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सौरव दास और आशुतोष रांका को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस दिया है। CJP नेता अजिंक्य शिंदे को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
फिलहाल इस पूरे मामले में अदालत की कार्रवाई जारी है। एक तरफ नेताओं की रिहाई के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हैं, तो दूसरी ओर जांच एजेंसियां मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत की सुनवाई और जांच की दिशा पर सभी की नजर रहेगी।
