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खेडां वतन पंजाब दियां 2026 का आगाज, 10 लाख खिलाड़ी और 12.50 करोड़ की इनामी राशि

पंजाब में खेलों को गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचाने की मुहिम के तहत ‘खेडां वतन पंजाब दियां-2026’ के चौथे सीजन का बठिंडा से शानदार आगाज हुआ। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खेलों को युवाओं को नशे से दूर रखने का मजबूत माध्यम बताते हुए पंजाब को खेलों में फिर नंबर एक बनाने का लक्ष्य सामने रखा।

बठिंडा से शुरू हुआ खेलों का महासंग्राम

बठिंडा के शहीद भगत सिंह स्टेडियम में ‘खेडां वतन पंजाब दियां-2026’ के चौथे सीजन की शुरुआत उत्साह और रंगारंग कार्यक्रमों के बीच हुई। समारोह में पंजाब की खेल प्रतिभा के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत की भी झलक देखने को मिली।

प्रसिद्ध पंजाबी गायक गुरदास मान और कुलविंदर बिल्ला ने अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को और खास बना दिया। मुख्यमंत्री भगवंत मान और गुरदास मान ने संयुक्त रूप से रंग-बिरंगे गुब्बारे छोड़कर खेलों के चौथे सीजन का औपचारिक शुभारंभ किया।

10 लाख खिलाड़ी मैदान में उतरेंगे

इस बार ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ में करीब 10 लाख खिलाड़ियों को मैदान में उतारने का लक्ष्य रखा गया है। खास बात यह है कि प्रतियोगिताओं में 14 साल से लेकर 70 साल से अधिक उम्र के खिलाड़ी भी हिस्सा ले सकेंगे।

कुल 39 खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इनमें एथलेटिक्स, पावरलिफ्टिंग, बैडमिंटन और व्हीलचेयर बास्केटबॉल जैसे पैरा-खेल भी शामिल हैं। पहली बार लड़कों और लड़कियों के लिए टेनिस-बॉल क्रिकेट को प्रदर्शनी खेल के तौर पर शामिल किया गया है।

खेल प्रतियोगिताओं का समापन 29 नवंबर को पटियाला में होगा।

खेडां वतन पंजाब दियां 2026 का आगाज, 10 लाख खिलाड़ी और 12.50 करोड़ की इनामी राशि

पहली बार वेटरन खिलाड़ियों को भी मिलेगा नकद इनाम

चौथे सीजन की सबसे बड़ी खासियतों में से एक वेटरन खिलाड़ियों के लिए नकद पुरस्कार की शुरुआत है। विजेताओं के लिए कुल 12.50 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि रखी गई है।

राज्य स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 10 हजार रुपये, रजत पदक विजेताओं को 7 हजार और कांस्य पदक विजेताओं को 5 हजार रुपये दिए जाएंगे।

40 वर्ष तक के पदक विजेताओं को ग्रेडेशन प्रमाण-पत्र भी दिए जाएंगे, जिससे उन्हें सरकारी नौकरियों में खेल कोटे का लाभ लेने में मदद मिल सकेगी।

हरजिंदर कौर और लवप्रीत सिंह को 50-50 लाख

उद्घाटन समारोह में राष्ट्रमंडल खेल-2026 के पदक विजेता हरजिंदर कौर और लवप्रीत सिंह को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दोनों खिलाड़ियों को 50-50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के खिलाड़ियों ने देश और दुनिया में अपनी पहचान बनाई है। सरकार का प्रयास है कि जमीनी स्तर पर मौजूद प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और प्रतियोगिताओं के अवसर मिलें।

‘खेडां वतन पंजाब दियां’ को जन आंदोलन बनाने का लक्ष्य

भगवंत मान ने कहा कि इन खेलों का मकसद केवल पदक जीतना नहीं है। इसके जरिए पंजाब के युवाओं की ऊर्जा को खेल और सकारात्मक गतिविधियों की ओर मोड़ना भी सरकार का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। पिछले आयोजनों में एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों के लोगों ने साथ हिस्सा लिया, जो इस अभियान की व्यापक पहुंच को दिखाता है।

मुख्यमंत्री ने खेलों को नशे के खिलाफ लड़ाई में भी अहम हथियार बताया। उनका कहना है कि युवाओं को खेल मैदान से जोड़कर उन्हें स्वस्थ, अनुशासित और आत्मविश्वासी बनाया जा सकता है।

2024 में 4.35 लाख खिलाड़ियों ने लिया था हिस्सा

मुख्यमंत्री के मुताबिक 2024 में आयोजित तीसरे सीजन में करीब 4.35 लाख खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। उस दौरान 14,500 खिलाड़ियों ने पदक जीते और 9.76 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की गई थी।

वर्ष 2025 में बाढ़ की स्थिति के कारण खेलों का आयोजन नहीं हो पाया था। अब सरकार इस साल पहले से बड़े स्तर पर आयोजन कर रही है।

खेलों के लिए 1,744 करोड़ रुपये का बजट

पंजाब सरकार ने खेलों के बुनियादी ढांचे पर भी जोर देने का दावा किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के इतिहास में पहली बार केवल खेलों के लिए 1,744 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।

उन्होंने कहा कि 2022 से अब तक 40,415 खिलाड़ियों को 135 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी जा चुकी है। नई खेल नीति के तहत अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए भी खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता दी जा रही है।

ओलंपिक की तैयारी के लिए खिलाड़ियों को 15 लाख रुपये और एशियाई व राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी के लिए 8 लाख रुपये तक की सहायता देने की व्यवस्था बताई गई है।

गांवों में बनेंगे 3,148 खेल मैदान

सरकार के मुताबिक राज्य में 3,148 ग्रामीण खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं। इनमें से 750 खेल मैदानों का उद्घाटन किया जा चुका है। इसके अलावा प्रदेश में 6,000 जिम स्थापित करने की योजना है, जिसमें पहले चरण के 500 जिम लोगों को समर्पित किए जा चुके हैं।

खेल सामग्री खरीदने के लिए 9,501 खिलाड़ियों के खातों में 12.50 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए जाने की जानकारी भी दी गई।

भगवंत मान ने कहा कि पंजाब की खेल विरासत बेहद समृद्ध रही है और सरकार का लक्ष्य इस परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। उन्होंने 2036 के ओलंपिक में पंजाब के खिलाड़ियों से भारत के लिए 10 से अधिक पदक जीतने की उम्मीद जताई।

मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से भी बच्चों को खेलों से जोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर बच्चा पदक जीते, यह जरूरी नहीं, लेकिन खेल उसे स्वस्थ, अनुशासित और आत्मविश्वासी जरूर बनाता है। यही सोच ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ को महज प्रतियोगिता नहीं, बल्कि पंजाब की नई खेल संस्कृति बनाने की कोशिश के रूप में पेश करती है।

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