
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे बेंगलुरु में आयोजित ‘संकल्प समावेश’ कार्यक्रम के दौरान उस समय नाराज हो गए, जब कुछ कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के समर्थन में लगातार ‘डीके-डीके’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। कार्यकर्ताओं की इस हरकत से नाराज होकर खरगे ने मंच से ही उन्हें कड़ी फटकार लगाई और पार्टी अनुशासन का पालन करने की नसीहत दी।
भाषण रोककर जताई नाराजगी
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। इसी दौरान मंच के सामने मौजूद कुछ कार्यकर्ता बार-बार डीके शिवकुमार के समर्थन में नारे लगाने लगे। लगातार नारेबाजी सुनने के बाद मल्लिकार्जुन खरगे ने अपना भाषण बीच में ही रोक दिया और स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह किसी व्यक्ति विशेष का कार्यक्रम नहीं बल्कि कांग्रेस पार्टी का कार्यक्रम है।
‘क्या नारेबाजी से पूरा देश प्रभावित होगा?’
खरगे ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, “क्या यहां नारे लगाने से पूरा भारत प्रभावित हो जाएगा? यह कार्यक्रम किसी एक नेता का नहीं है। हम सभी कांग्रेस के कार्यक्रम में शामिल हुए हैं। कांग्रेस किसी एक व्यक्ति के दम पर नहीं, बल्कि संगठन की ताकत से चलती है।” उनके इस बयान के बाद कार्यक्रम स्थल पर कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया।

58 साल के राजनीतिक अनुभव का दिया हवाला
कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने लंबे राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें राजनीति में 58 वर्षों का अनुभव है और उन्होंने पार्टी के कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कई नेताओं को बड़ा मंच और पहचान दी है, भले ही उनका योगदान सीमित रहा हो। इसलिए संगठन का सम्मान और अनुशासन सर्वोपरि होना चाहिए।
अनुशासनहीनता पर कार्रवाई की चेतावनी
खरगे ने सख्त लहजे में कहा कि पूरे कार्यक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही है और जिन लोगों ने अनुशासनहीनता की है, उनकी पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस में संगठन सबसे ऊपर है और कोई भी व्यक्ति पार्टी से बड़ा नहीं हो सकता।
डीके शिवकुमार ने भी शांत कराया माहौल
इस दौरान मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी कार्यकर्ताओं को शांत रहने का इशारा करते नजर आए। उन्होंने भी मंच से अनुशासन बनाए रखने की अपील की। अब इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा हो रही है।