
मंडी से बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में अधिकारियों के कामकाज पर नाराजगी जताई। केंद्र प्रायोजित योजनाओं और सांसद निधि से चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों को जवाबदेही के साथ काम करने की नसीहत दी और सरकारी धन के पारदर्शी इस्तेमाल पर जोर दिया।
सांसद निधि के खर्च पर कंगना ने मांगा जवाब
बैठक के दौरान कंगना रनौत ने सांसद निधि के तहत उपलब्ध राशि और उसके खर्च को लेकर अधिकारियों से सवाल किया। उन्होंने कहा कि उनके सांसद फंड में करीब 11 करोड़ रुपये उपलब्ध थे, लेकिन अब तक सिर्फ 50 लाख रुपये ही खर्च किए गए हैं।
कंगना ने अधिकारियों से देरी की वजह पूछते हुए कहा कि हर दिशा समिति की बैठक में उन्हें फंड खर्च होने को लेकर आश्वासन दिया जाता है। उन्होंने बीडीओ से काम की प्रगति और खर्च की विस्तृत परफॉर्मेंस रिपोर्ट भी मांगी।
‘मुझे बेकार के जुमले मत सुनाइए’
कंगना ने बैठक में अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें बार-बार बताया जाता है कि फंड के इस्तेमाल में कोई परेशानी नहीं है और करीब 90 प्रतिशत राशि खर्च हो चुकी है। उन्होंने इस तरह के जवाबों पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों से वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने को कहा।

सांसद ने कथित तौर पर अधिकारियों से कहा कि उन्हें काम कराने के लिए केंद्र से पत्र भिजवाने पड़ते हैं, इसके बावजूद काम नहीं होता। उन्होंने अपने कार्यालय की बात नहीं सुने जाने और सोशल मीडिया पर बन रही रील्स को लेकर भी नाराजगी जाहिर की।
‘लोग रील्स बना रहे हैं, मेरी जग हंसाई होती है’
बैठक में कंगना ने अधिकारियों की कथित लापरवाही को लेकर काफी तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि काम नहीं होने के कारण नकारात्मक प्रचार हो रहा है और लोग सोशल मीडिया पर रील्स बना रहे हैं।
उन्होंने अधिकारियों से सवाल करते हुए कहा कि अगर उन्हें अधिकारियों का कार्यालय मिल जाए तो वह एक दिन में काम करके दिखा सकती हैं। कंगना के इस बयान से बैठक में उनके सख्त तेवर साफ दिखाई दिए।
सरकारी पैसे के इस्तेमाल पर उठाए सवाल
कंगना ने कहा कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य पात्र लोगों तक उनका लाभ पहुंचाना है। उन्होंने सरकारी धन के दुरुपयोग को लेकर चिंता जताई और योजनाओं की निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत बताई।
उन्होंने करीब 30 से 40 प्रतिशत जनता का पैसा गलत हाथों में जाने की बात भी कही। हालांकि, इस दावे के समर्थन में बैठक में कोई विस्तृत आंकड़ा सामने आया या नहीं, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है।
गांवों और जरूरतमंदों तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
सांसद ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि केंद्र सरकार की योजनाएं सिर्फ सरकारी कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इनका वास्तविक फायदा गांवों और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना चाहिए।
उन्होंने विकास कार्यों की गुणवत्ता, योजनाओं की प्रगति और सरकारी धन के इस्तेमाल की निगरानी पर जोर दिया। साथ ही योजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने और काम की गुणवत्ता बनाए रखने की बात कही।
पहले भी अधिकारियों पर नाराज हो चुकी हैं कंगना
कंगना रनौत इससे पहले भी दिशा समिति की बैठकों में अधिकारियों के कामकाज को लेकर नाराजगी जाहिर कर चुकी हैं। अक्टूबर 2025 में हुई दिशा बैठक के दौरान भी उन्होंने अधिकारियों को बैठक को गंभीरता से लेने और विकास कार्यों में लापरवाही नहीं बरतने की चेतावनी दी थी।
इस बार सांसद निधि के कम खर्च और सरकारी योजनाओं की निगरानी को लेकर उनके सख्त रुख ने अधिकारियों की जवाबदेही और विकास कार्यों की गति को फिर चर्चा में ला दिया है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि मांगी गई परफॉर्मेंस रिपोर्ट के बाद सांसद निधि से जुड़े कामों में कितनी तेजी आती है।
