
पंजाब पुलिस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता मिली है। हत्या के कई मामलों में वांछित गैंगस्टर जोबनजीत सिंह उर्फ जोबन बिल्ला को इंडोनेशिया के जकार्ता से डिपोर्ट कर भारत लाया गया है। पंजाब पुलिस ने इंटरपोल और केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से इस कार्रवाई को अंजाम दिया। आरोपी के खिलाफ चार हत्या के मामले दर्ज हैं।
जकार्ता से भारत लाया गया जोबन बिल्ला
पंजाब पुलिस के अनुसार, गैंगस्टर जोबनजीत सिंह उर्फ जोबन बिल्ला लंबे समय से विदेश में फरार था। उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया गया था। इंटरपोल और केंद्रीय एजेंसियों की मदद से उसे जकार्ता में ट्रैक किया गया और डिपोर्ट कर भारत लाया गया।
एयरपोर्ट से अमृतसर पुलिस ने लिया कब्जे में
जोबन बिल्ला को मोहाली स्थित शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर लाया गया, जहां पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) उसे लेकर पहुंची। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अमृतसर पुलिस ने आरोपी को अपनी हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ और अदालत में पेशी के लिए अमृतसर रवाना किया।

हाई सिक्योरिटी में किया गया ट्रांसफर
रविवार शाम करीब 5:15 बजे एसपी विक्रम बराड़ के नेतृत्व में AGTF की टीम आरोपी को एयरपोर्ट लेकर पहुंची। इस दौरान एयरपोर्ट परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पुलिस ने आरोपी का चेहरा ढककर उसे हाई सिक्योरिटी के बीच अमृतसर पहुंचाया।
DGP ने दोहराया अभियान जारी रहने का संकल्प
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि राज्य सरकार की ‘गैंगस्टरां ते वार’ मुहिम तब तक जारी रहेगी, जब तक पंजाब को गैंगस्टर मुक्त नहीं बना दिया जाता। उन्होंने कहा कि संगठित अपराध के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
तीन दिन के अभियान में हजारों पर कार्रवाई
स्पेशल डीजीपी (कानून एवं व्यवस्था) अर्पित शुक्ला के अनुसार, तीन दिनों तक चले अभियान के दौरान पूरे राज्य में 7,498 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से 3,260 को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार लोगों में 135 फरार अपराधी भी शामिल हैं। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 47 हथियार, 4.8 किलोग्राम हेरोइन, 3.6 किलोग्राम अफीम, 42,797 नशीली गोलियां, 68 किलोग्राम भुक्की और ₹30 लाख की कथित ड्रग मनी भी बरामद की है।
इंडोनेशिया से जोबन बिल्ला की गिरफ्तारी और डिपोर्टेशन को पंजाब पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि राज्य में संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। अब आरोपी से पूछताछ के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।