हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल खत्म लेकिन गुरुग्राम में क्यों मचा बवाल

हरियाणा के गुरुग्राम में बिजली की परेशानी को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लंबे समय तक बिजली नहीं आने से परेशान लोगों ने सेक्टर पांच में शीतला माता रोड पर जाम लगा दिया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और लोगों के बीच तनाव बढ़ गया। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस घटना में कई लोगों के घायल होने की खबर है। हालात को देखते हुए इलाके में पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई।
शीतला कॉलोनी और आसपास के इलाकों में बिजली नहीं होने से लोग काफी परेशान थे। कई घरों में इन्वर्टर भी जवाब दे गए। बिजली गुल होने से पानी की दिक्कत बढ़ गई और लोगों को गर्मी के साथ अंधेरे में भी रहना पड़ा। रोजमर्रा के कामकाज पर असर पड़ने के बाद लोगों ने सड़क पर उतरकर अपना गुस्सा जाहिर किया।
प्रदर्शन के दौरान मामला उस समय बिगड़ गया जब पुलिस और प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच तनाव बढ़ गया। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठियां चलाईं। इसमें कई लोगों के घायल होने की सूचना सामने आई है। वहीं प्रदर्शनकारियों पर पत्थरबाजी करने का आरोप भी लगा है। घटना के बाद शीतला कॉलोनी में सुरक्षा बढ़ा दी गई।
बिजली संकट का असर गुरुग्राम के दूसरे इलाकों में भी देखने को मिला। आचार्य पुरी समेत कई जगहों पर बिजली नहीं होने से घरों और सड़कों पर अंधेरा छा गया। पानी की सप्लाई प्रभावित होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई।
इस संकट का असर शहर के उद्योगों पर भी पड़ा। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कई औद्योगिक इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। इससे फैक्ट्रियों का कामकाज रुकने की खबर सामने आई। शुरुआती अनुमान के मुताबिक उद्योगों को करीब दो हजार करोड़ रुपये तक का नुकसान होने की बात कही गई।
बिजली कर्मचारी गुरुग्राम और नूंह क्षेत्र में बिजली वितरण का लाइसेंस निजी कंपनी को देने के विरोध में हड़ताल कर रहे थे। शुक्रवार शाम पंचकूला में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ बातचीत हुई। लाइसेंस रद्द करने का आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारी यूनियनों ने हड़ताल खत्म करने का फैसला किया। हालांकि गुरुग्राम में बिजली कटौती को लेकर लोगों की नाराजगी और पुलिस कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है।