
उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने लगातार सातवें वर्ष भी बिजली की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं करने का फैसला लिया है। यानी राज्य के उपभोक्ताओं को पहले की तरह ही बिजली मिलेगी और बिजली बिल में किसी प्रकार की नई दर लागू नहीं होगी। इसके साथ ही नोएडा पावर कंपनी (NPCL) क्षेत्र के उपभोक्ताओं को मिलने वाली 10 प्रतिशत की छूट भी पहले की तरह जारी रहेगी।
उपभोक्ता परिषद ने फैसले का किया स्वागत
उत्तर प्रदेश राज्य उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उपभोक्ताओं की लगातार लड़ाई रंग लाई है। उन्होंने दावा किया कि बिजली निगम अप्रत्यक्ष रूप से बिजली दरें बढ़ाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन विद्युत नियामक आयोग के निर्णय से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। उनके अनुसार, उत्तर प्रदेश अब देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां लगातार सात वर्षों से बिजली की दरों में वृद्धि नहीं की गई है।

ईवी चार्जिंग पर भी मिलेगा विशेष लाभ
नियामक आयोग के फैसले के तहत भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और ई-रिक्शा चार्जिंग को बढ़ावा देने के लिए दिन के समय चार्जिंग स्टेशनों पर 20 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। यह सुविधा केवल दिन के समय लागू रहेगी। सरकार का उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करना है।
सरचार्ज विवाद के बीच आया राहतभरा फैसला
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब हाल ही में बिजली उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त सरचार्ज लगाने का निर्णय लिया गया था, जिसे बाद में वापस लेना पड़ा। इस मामले में ऊर्जा मंत्री अरविंद शर्मा ने उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के चेयरमैन को पत्र लिखकर बिना पूर्व अनुमति और चर्चा के सरचार्ज बढ़ाने पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि उन्हें इस फैसले की जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए मिली थी। अब बिजली दरों को यथावत रखने के फैसले से राज्य के करोड़ों उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है।
