
बिहार के कई जिलों में छात्र प्रदर्शन के बाद पुलिस की कार्रवाई जारी है। पटना, छपरा, बेगूसराय, सीतामढ़ी समेत अन्य जिलों में पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर प्रदर्शनकारियों की पहचान कर कार्रवाई कर रही है। इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
बिहार में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई जारी
पुलिस विभिन्न जिलों में प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से शामिल लोगों की पहचान कर रही है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कई लोगों को हिरासत में लेने और गिरफ्तार करने की कार्रवाई की जा रही है। यह पुलिस की कार्रवाई से जुड़ी उपलब्ध जानकारी है।
CJP ने समझौते का हवाला देते हुए उठाई मांग
कॉकरोच जनता पार्टी ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर पोस्ट कर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह का उल्लेख करते हुए कहा कि 25 जुलाई को हुए समझौते के तहत प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी आपराधिक मामले वापस लिए जाने चाहिए। CJP ने दावा किया कि समझौते के दौरान यह आश्वासन दिया गया था। यह CJP का दावा है।

देशभर की पुलिस से भी की अपील
CJP ने एक अन्य पोस्ट में देशभर की पुलिस से 25 जुलाई के कथित समझौते का पालन करने की अपील की। पार्टी ने कहा कि किसी भी छात्र के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। यह संगठन का सार्वजनिक बयान है।
तेजस्वी यादव ने सरकार पर लगाए आरोप
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि यदि छात्रों को रिहा नहीं किया गया तो इसका राजनीतिक असर पड़ेगा। ये आरोप और बयान तेजस्वी यादव के हैं।
समझौते को लेकर बढ़ी राजनीतिक बहस
CJP का कहना है कि जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ हुई बातचीत में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के अलावा प्रदर्शन के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने सहित अन्य मांगों पर सहमति बनी थी। इस दावे के बीच अलग-अलग राज्यों में हो रही पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस कथित समझौते और उसके क्रियान्वयन पर संबंधित पक्षों की आधिकारिक स्थिति सामने आना अभी बाकी है।