
हरियाणा में 15 जून से शुरू होने वाले विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह सक्रिय हो गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और प्रदेश प्रभारी डा. सतीश पुनिया ने पार्टी के सभी सांसदों, विधायकों, पूर्व जनप्रतिनिधियों और चुनाव लड़ चुके नेताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। पार्टी का लक्ष्य है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से छूटे नहीं और अपात्र नामों को पूरी तरह हटाया जाए ताकि वोटर लिस्ट को अधिक सटीक और मजबूत बनाया जा सके।
हर वोट पर नजर और बूथ स्तर पर पकड़ मजबूत करने की रणनीति
पंचकूला में हुई राज्य स्तरीय बैठक में बीजेपी ने ‘हर वोट की निगरानी, हर बूथ पर पकड़’ अभियान को तेज करने पर जोर दिया। नेताओं को निर्देश दिया गया कि 15 जुलाई तक एसआईआर प्रक्रिया को मिशन मोड में पूरा किया जाए। पार्टी का फोकस बूथ स्तर पर माइक्रो पॉलिटिकल मैनेजमेंट मजबूत करने पर है ताकि हर विधानसभा क्षेत्र में वोटर बेस को सटीक रूप से नियंत्रित और अपडेट किया जा सके। इसे आगामी चुनावी तैयारियों का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

बदलते सामाजिक समीकरणों में वोटर लिस्ट को बताया निर्णायक
भाजपा नेतृत्व का मानना है कि शहरीकरण और ग्रामीण बदलावों के कारण वोटर लिस्ट का अपडेट रहना बेहद जरूरी हो गया है। पार्टी ने कहा कि सही और अपडेटेड मतदाता सूची ही चुनावी सफलता की आधारशिला होती है। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि एसआईआर केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि एक रणनीतिक राजनीतिक अभियान है, जिसका सीधा असर चुनावी परिणामों पर पड़ सकता है। इसी कारण इस पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
सरकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का भी मिला निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडौली और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं को सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को बूथ स्तर तक पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही विपक्ष के आरोपों का जवाब तथ्यों के आधार पर देने पर जोर दिया गया। संगठन ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग के साथ समन्वय बनाकर वोटर लिस्ट प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना भी प्राथमिकता है। बीजेपी ने इसे संगठनात्मक मजबूती और चुनावी रणनीति दोनों के लिए अहम कदम बताया है।
