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सजा सुनते ही रो पड़े मुस्कान और साहिल, जानें नीले ड्रम हत्याकांड की पूरी टाइमलाइन

मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में करीब 16 महीने चले ट्रायल के बाद अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई। दोनों को पहले हत्या, साक्ष्य छिपाने और आपराधिक षड्यंत्र का दोषी ठहराया गया था। फैसला सुनते ही दोनों भावुक होकर रो पड़े।

लव मैरिज से शुरू हुई कहानी

सौरभ राजपूत और मुस्कान रस्तोगी ने 2016 में लव मैरिज की थी। दोनों की एक बेटी पीहू भी है। सौरभ मर्चेंट नेवी में काम करता था और अक्सर विदेश में रहता था। इसी दौरान मुस्कान के पुराने परिचित साहिल शुक्ला से उसकी नजदीकियां बढ़ीं। पुलिस जांच के अनुसार, बाद में दोनों ने मिलकर सौरभ की हत्या की साजिश रची।

3 मार्च को हुई हत्या

24 फरवरी 2025 को सौरभ लंदन से मेरठ स्थित अपने घर लौटा था। 25 फरवरी को मुस्कान का जन्मदिन और 28 फरवरी को बेटी का जन्मदिन परिवार ने साथ मनाया। इसके कुछ दिन बाद 3 मार्च को सौरभ की हत्या कर दी गई।

आरोपों के मुताबिक, मुस्कान ने खाने में नींद की दवा मिलाई। सौरभ के बेहोश होने के बाद साहिल घर पहुंचा और दोनों ने उसकी हत्या कर दी।

नीले ड्रम में छिपाया शव

हत्या के बाद शव के टुकड़े किए गए और उन्हें नीले प्लास्टिक ड्रम में डालकर सीमेंट और रेत से सील कर दिया गया। इसके बाद मुस्कान और साहिल हिमाचल प्रदेश चले गए। दोनों ने शिमला-मनाली की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए, जिससे वे सामान्य जिंदगी जीने का आभास देते रहे।

18 मार्च को हुआ खुलासा

17 मार्च को दोनों हिमाचल से लौटे। अगले दिन सौरभ के भाई राहुल की शिकायत और घर से आ रही दुर्गंध के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के दौरान नीले ड्रम से सौरभ के शव के अवशेष बरामद हुए। इसके बाद हत्या का मामला दर्ज किया गया।

19 मार्च 2025 को पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने 12 मई को करीब 1000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें हत्या, साक्ष्य मिटाने और आपराधिक षड्यंत्र जैसे आरोप लगाए गए।

सजा सुनते ही रो पड़े मुस्कान और साहिल, जानें नीले ड्रम हत्याकांड की पूरी टाइमलाइन

16 महीने चला ट्रायल

जुलाई 2025 में अदालत में ट्रायल शुरू हुआ। इस दौरान 126 से अधिक पेशियां हुईं और 22 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए गए। नवंबर 2025 में मुस्कान ने जेल में दूसरी बेटी को जन्म दिया।

21 अप्रैल 2026 को आरोपियों से धारा 313 के तहत पूछताछ हुई, जिसमें दोनों ने आरोपों से इनकार किया। 17 सितंबर को अंतिम बहस पूरी हुई और अभियोजन ने दोनों के लिए फांसी की मांग की।

14 अक्टूबर को सुनाई गई फांसी

30 सितंबर 2026 को अदालत ने मुस्कान और साहिल को हत्या, साक्ष्य छिपाने और आपराधिक षड्यंत्र का दोषी करार दिया था। सजा पर फैसला सुरक्षित रखा गया था।

अब 14 अक्टूबर 2026 को जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा ने दोनों को मृत्युदंड की सजा सुनाई। फैसला सुनते ही मुस्कान और साहिल रो पड़े। कोर्ट में मौजूद सौरभ की मां और भाई ने फैसले पर संतोष जताया।

क्यों चर्चा में रहा यह मामला?

नीले ड्रम में शव को छिपाने, हत्या के बाद दोनों के हिमाचल घूमने जाने और सोशल मीडिया पर सामान्य जिंदगी की तस्वीरें साझा करने की वजह से यह मामला देशभर में चर्चा में रहा। अदालत में अभियोजन ने मामले से जुड़े साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर दोष साबित करने की कोशिश की।

यह फैसला अब इस मामले की कानूनी प्रक्रिया का एक अहम पड़ाव है। हालांकि, मृत्युदंड के मामलों में आगे की न्यायिक प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी।

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