
तीन राज्यों की 12 राज्यसभा सीटों के नतीजों ने राष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। बीजेपी ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में कुल 10 सीटें हासिल कीं, जबकि समाजवादी पार्टी को यूपी में दो सीटें मिलीं। कांग्रेस के खाते में कोई सीट नहीं आई।
तीन राज्यों में 12 सीटों पर निर्वाचन
राज्यसभा चुनाव 2026 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल की कुल 12 सीटों पर निर्वाचन हुआ। इनमें बीजेपी ने 10 सीटें हासिल कीं और समाजवादी पार्टी को उत्तर प्रदेश में दो सीटों पर सफलता मिली। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए। इन नतीजों से उच्च सदन में विभिन्न दलों के प्रतिनिधित्व को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
उत्तर प्रदेश में बीजेपी को आठ, सपा को दो सीटें
उत्तर प्रदेश की 10 सीटों पर मतदान की नौबत नहीं आई, क्योंकि सभी सीटों के लिए 10 ही उम्मीदवार मैदान में थे। बीजेपी की ओर से गोपीकृष्ण पांडे, धर्मपाल सिंह, प्रियंका सिंह रावत, राधाकांत ओझा, राम प्रकाश पाल, राम प्रताप सिंह चौहान, विद्या सागर सोनकर और श्रुति गंगवार निर्वाचित हुए। वहीं, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव और धनराज नाथवानी ने जीत दर्ज की।

उत्तराखंड में दिनेश कुमार आर्य निर्विरोध निर्वाचित
उत्तराखंड से बीजेपी के दिनेश कुमार आर्य राज्यसभा पहुंचे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से निर्वाचित इन सांसदों का कार्यकाल 25 नवंबर 2032 तक रहेगा। राज्यसभा में उनका प्रतिनिधित्व संबंधित राज्यों के राजनीतिक समीकरणों और संसदीय गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा।
पश्चिम बंगाल में रुक्मिणी मलिक की जीत
पश्चिम बंगाल की राज्यसभा सीट पर उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार रुक्मिणी मलिक निर्विरोध निर्वाचित हुईं। यह सीट उनके पहले के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। जानकारी के मुताबिक, उनका कार्यकाल 2 अप्रैल 2032 तक रहेगा। इस निर्वाचन के साथ बीजेपी को पश्चिम बंगाल से राज्यसभा में प्रतिनिधित्व मिला है।
राम प्रताप सिंह चौहान ने बताया बड़ी जिम्मेदारी
नवनिर्वाचित बीजेपी सांसद राम प्रताप सिंह चौहान ने कहा कि राज्यसभा पहुंचना उनके लिए बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय और राज्य नेतृत्व का आभार जताया। साथ ही भरोसा दिलाया कि उन्हें जो भी काम सौंपा जाएगा, उसे पूरी निष्ठा और मेहनत से पूरा करने की कोशिश करेंगे। उनका बयान संसदीय जिम्मेदारियों को लेकर उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
राज्यसभा के नतीजों का राजनीतिक महत्व
इन चुनावों में बीजेपी को तीन राज्यों में 10 सीटें मिलीं, जबकि सपा ने उत्तर प्रदेश में दो सीटें हासिल कीं। कांग्रेस को कोई सीट नहीं मिली। हालांकि, इन परिणामों को व्यापक राजनीतिक बदलाव का संकेत मानने से पहले राज्यों के अलग-अलग समीकरणों और राज्यसभा की मौजूदा संख्या को भी देखना जरूरी है। अंततः संसद में प्रतिनिधित्व के साथ-साथ जनता से जुड़े मुद्दों पर सांसदों का काम ही उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बनाएगा।
