
अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर के चढ़ावा चोरी और कथित गबन मामले में जांच को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद उत्तर प्रदेश सरकार नई विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि सोमवार को होने वाली सुनवाई के दौरान सरकार अदालत के समक्ष तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम प्रस्तुत कर सकती है।
नई SIT के गठन की तैयारी पूरी
सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार ने नई एसआईटी के गठन की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है। प्रस्तावित टीम की अध्यक्षता लखनऊ रेंज की आईजी किरण एस कर सकती हैं। वह पहले से ही लखनऊ मंडलायुक्त की अध्यक्षता वाली एसआईटी की सदस्य हैं।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद बढ़ी कार्रवाई
सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई की सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया था कि मामले की जांच वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नेतृत्व में गठित नई एसआईटी से कराई जाए। अदालत ने माना था कि आपराधिक और चोरी जैसे मामलों की तकनीकी जांच में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की भूमिका अधिक प्रभावी हो सकती है।

सोमवार की सुनवाई पर सभी की नजर
इस मामले में 27 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। माना जा रहा है कि राज्य सरकार इस दौरान नई एसआईटी के लिए तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम अदालत के समक्ष रख सकती है। इसके बाद जांच की दिशा को लेकर आगे का फैसला लिया जा सकता है।
फिलहाल पुलिस कर रही है जांच
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 13 जुलाई को याचिकाओं पर नोटिस जारी कर उत्तर प्रदेश सरकार से जांच की स्थिति रिपोर्ट मांगी थी। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने राज्य सरकार से पूछा था कि वर्तमान में जांच कौन कर रहा है। सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया था कि फिलहाल मामले की जांच पुलिस कर रही है।
जांच पर बनी हुई है नजर
राम मंदिर चढ़ावा चोरी और कथित गबन का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। नई एसआईटी के गठन और सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई के बाद जांच की प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी और कथित गबन मामले में नई एसआईटी के गठन को लेकर सरकार की तैयारी अंतिम चरण में बताई जा रही है। अब सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि नई जांच टीम का गठन किस स्वरूप में होगा और जांच आगे किस दिशा में बढ़ेगी।