8 टीमें, 15 ठिकाने और करोड़ों की संपत्ति, प्रधान आरक्षक फिरोज खान पर लोकायुक्त का बड़ा एक्शन

मध्य प्रदेश के देवास में आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोकायुक्त ने प्रधान आरक्षक फिरोज खान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इंदौर और उज्जैन की आठ टीमें 15 ठिकानों पर तलाशी ले रही हैं। शुरुआती जांच में करीब 6.5 करोड़ रुपये की कथित आय से अधिक संपत्ति और करीब 20 संपत्तियों का पता चला है।
लोकायुक्त ने एक साथ की छापेमारी
देवास में लोकायुक्त ने प्रधान आरक्षक फिरोज खान से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। वर्तमान में फिरोज खान इंदौर के पुलिस ट्रेनिंग सेंटर (PTC) में पदस्थ बताए जा रहे हैं। आय से अधिक संपत्ति की शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त ने मामले की जांच शुरू की थी।
प्रारंभिक जांच में अधिकारियों को उनकी ज्ञात आय के मुकाबले बड़ी मात्रा में संपत्ति होने की जानकारी मिली है।
8 टीमों ने 15 जगहों पर डाला डेरा
कार्रवाई को अंजाम देने के लिए इंदौर और उज्जैन लोकायुक्त की कुल आठ टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें 15 अलग-अलग ठिकानों पर तलाशी ले रही हैं।

तलाशी के दौरान संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, बैंकिंग लेन-देन, निवेश और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि संबंधित संपत्तियां किन स्रोतों से खरीदी गईं।
देवास और इंदौर में करीब 20 संपत्तियां
लोकायुक्त की शुरुआती जांच में देवास और इंदौर में फिरोज खान से जुड़ी करीब 20 संपत्तियों की जानकारी सामने आई है। इनमें जमीन और अन्य संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, इन संपत्तियों की खरीद में इस्तेमाल रकम और प्रधान आरक्षक की घोषित आय के बीच अंतर की पड़ताल की जा रही है।
करीब 6.5 करोड़ की संपत्ति आय से अधिक होने का दावा
प्रारंभिक आकलन के मुताबिक करीब साढ़े छह करोड़ रुपये की संपत्ति ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक पाई गई है। हालांकि, यह शुरुआती जांच का आंकड़ा है। तलाशी पूरी होने और सभी दस्तावेजों की जांच के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
लोकायुक्त अब संपत्तियों के मूल्य और उनके स्रोतों का मिलान कर रहा है।
FIR दर्ज, जांच अभी जारी
आय से अधिक संपत्ति की शिकायत के आधार पर मामले में FIR दर्ज की जा चुकी है। लोकायुक्त की टीमें दस्तावेजों और संभावित साक्ष्यों को जुटाने में लगी हैं।
जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि कथित अतिरिक्त संपत्ति का वास्तविक मूल्य कितना है और उसका स्रोत क्या था। फिलहाल लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है और तलाशी से सामने आने वाले दस्तावेज इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
