
सीमा पर तैनात सैनिकों को बेहतर गुणवत्ता वाला चावल उपलब्ध कराने के लिए भारतीय सेना ने ‘भारत राइस’ पहल शुरू की है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में लॉन्च हुई इस पहल के तहत चावल सीधे सेना के आपूर्ति डिपो तक पहुंचाया जाएगा। इसका उद्देश्य सैनिकों के भोजन की गुणवत्ता सुधारने के साथ दुर्गम क्षेत्रों में राशन की आपूर्ति को अधिक प्रभावी बनाना है।
सैनिकों की थाली तक पहुंचेगा किसानों के खेत का चावल
भारतीय सेना ने सैनिकों को उच्च गुणवत्ता वाला चावल उपलब्ध कराने की दिशा में ‘भारत राइस’ पहल शुरू की है। दिल्ली में सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में इसका शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर सेना और भारतीय खाद्य निगम (FCI) के बीच समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए।
राजनाथ सिंह ने इस पहल को किसान और जवान के बीच भरोसे का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह किसान के खेत से शुरू होकर सैनिक की थाली तक पहुंचने वाली व्यवस्था है। उनके मुताबिक, यह पहल ‘जय जवान, जय किसान’ की भावना को साकार करती है, जिसमें किसानों की मेहनत देश की सुरक्षा में जुटे जवानों की ताकत बनती है।
लद्दाख और पूर्वोत्तर के सैनिकों को मिलेगा फायदा
‘भारत राइस’ की प्रमुख विशेषता यह है कि चावल सीधे सेना के आपूर्ति डिपो तक पहुंचाया जाएगा। इनमें लद्दाख और पूर्वोत्तर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों के डिपो भी शामिल हैं। इससे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में तैनात जवानों तक राशन पहुंचाने की व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए मजबूत आपूर्ति श्रृंखला और सैनिकों का कल्याण बेहद जरूरी है। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए कहा कि सैन्य अभियानों को लगातार जारी रखने के लिए भरोसेमंद लॉजिस्टिक्स व्यवस्था की अहम भूमिका होती है।
गुणवत्ता और पैकेजिंग पर रहेगा विशेष ध्यान
इस पहल के तहत चावल को निर्धारित रक्षा मानकों के अनुसार तैयार किया जाएगा। इसकी गुणवत्ता की जांच की जाएगी, ताकि चावल में बाहरी पदार्थ और मिलावट न हो। बेहतर पैकेजिंग पर भी ध्यान दिया जाएगा, जिससे दूरदराज के इलाकों तक राशन पहुंचाने में सुविधा हो सके।

राजनाथ सिंह के अनुसार, पौष्टिक भोजन, बेहतर उपकरण और प्रभावी प्रशिक्षण सैनिकों का मनोबल मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सैनिकों के कल्याण को केवल एक सामान्य प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का अभिन्न हिस्सा बताया।
सेना और FCI के बीच पांच साल का समझौता
‘भारत राइस’ पहल की शुरुआत आपूर्ति एवं परिवहन महानिदेशालय के नेतृत्व में की गई है। इस योजना को सेना, FCI, NAFED और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के बीच लगभग 18 महीने के समन्वय के बाद आगे बढ़ाया गया है।
शुरुआती चरण में सेना और FCI के बीच पांच साल के लिए समझौता किया गया है। आपसी सहमति से इसकी अवधि आगे बढ़ाई जा सकती है। वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान चावल की आपूर्ति NAFED के माध्यम से की जाएगी। इससे तय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप राशन की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सैनिकों के कल्याण और सैन्य तैयारियों को मिलेगा समर्थन
‘भारत राइस’ पहल का उद्देश्य केवल चावल की आपूर्ति करना नहीं, बल्कि सेना की राशन व्यवस्था को अधिक भरोसेमंद और व्यवस्थित बनाना भी है। विशेष रूप से सीमावर्ती और दुर्गम इलाकों में समय पर गुणवत्तापूर्ण भोजन पहुंचाना सैन्य तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण है।
यह पहल किसानों और सैनिकों के बीच सहयोग की भावना को भी मजबूत करती है। यदि निर्धारित गुणवत्ता और आपूर्ति व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो इससे जवानों को बेहतर राशन उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। ‘जय जवान, जय किसान’ की भावना पर आधारित यह कदम देश की खाद्य आपूर्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संबंध को रेखांकित करता है।
