हरियाणा कैबिनेट में हुड्डा और राजदीप फोगाट के पीनल रेंट पर फैसला संभव

हरियाणा सरकार की कैबिनेट बैठक में दो सरकारी आवासों से जुड़ी लाखों रुपये की बकाया राशि का मुद्दा अहम रहने वाला है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और जजपा के पूर्व विधायक राजदीप सिंह फोगाट के पीनल रेंट माफ करने के प्रस्तावों पर विचार होना है। इन फैसलों के प्रशासनिक और राजनीतिक मायनों पर भी नजर रहेगी।
कैबिनेट बैठक में दो प्रस्तावों पर नजर
हरियाणा मंत्रिमंडल की शनिवार को होने वाली बैठक में सरकारी आवासों से जुड़े दो मामलों पर चर्चा हो सकती है। पहला मामला विधानसभा में विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का है, जिन पर 27.17 लाख रुपये से अधिक का पीनल रेंट लगाया गया है। दूसरा मामला हरियाणा आवास बोर्ड के पूर्व चेयरमैन और जजपा के पूर्व विधायक राजदीप सिंह फोगाट से जुड़ा है। उनके मामले में 38.47 लाख रुपये की राशि माफ करने के प्रस्ताव पर विचार किया जाना है।
हुड्डा पर 27.17 लाख रुपये का पीनल रेंट
भूपेंद्र सिंह हुड्डा को चंडीगढ़ के सेक्टर-7 में मकान नंबर 70 विधानसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर आवंटित किया गया था। वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव के बाद हरियाणा में भाजपा की लगातार तीसरी सरकार बनी, लेकिन विपक्ष के नेता के रूप में हुड्डा की नियुक्ति में देरी हुई। इस दौरान वह सरकारी आवास में बने रहे।
निर्धारित अवधि में मकान खाली नहीं करने के कारण उन पर 27,17,764 रुपये का पीनल रेंट लगाया गया। अब इस राशि को माफ करने का प्रस्ताव कैबिनेट के सामने फिर से आ रहा है।

पहले भी उठ चुका है माफी का मुद्दा
हुड्डा के पीनल रेंट का मामला पहले भी मंत्रिमंडल के सामने आया था। उस समय एक कैबिनेट मंत्री ने प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि राशि माफ करने के बावजूद वास्तविक बकाया रकम का उल्लेख सरकारी रिकॉर्ड में रहना चाहिए। अब दोबारा प्रस्ताव आने से यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस मामले में क्या निर्णय लेती है और बकाया राशि के रिकॉर्ड को लेकर क्या रुख अपनाती है।
राजदीप सिंह फोगाट पर 38.47 लाख रुपये बकाया
दूसरा मामला पंचकूला के सेक्टर-12ए स्थित मकान नंबर 737 से संबंधित है। यह आवास हरियाणा आवास बोर्ड के पूर्व चेयरमैन राजदीप सिंह फोगाट को आवंटित किया गया था। निर्धारित समय में आवास खाली नहीं करने के कारण उन पर 38,47,310 रुपये का पीनल रेंट लगाया गया। कैबिनेट में इस राशि की माफी के प्रस्ताव पर भी विचार होना है।
राजदीप फोगाट का राजनीतिक सफर
राजदीप सिंह फोगाट वर्ष 2014 में इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के टिकट पर चरखी दादरी से विधायक चुने गए थे। बाद में इनेलो में विभाजन के बाद वह दुष्यंत चौटाला के नेतृत्व वाली जननायक जनता पार्टी में शामिल हो गए। वर्ष 2019 में वह दोबारा विधायक बने। हरियाणा आवास बोर्ड के पूर्व चेयरमैन के रूप में आवंटित सरकारी आवास से जुड़ा बकाया अब कैबिनेट के विचाराधीन है।
फैसले पर रहेगी राजनीतिक और प्रशासनिक नजर
दोनों मामलों में पीनल रेंट की राशि लाखों रुपये में है। ऐसे में कैबिनेट का निर्णय सरकारी आवासों के आवंटन, निर्धारित समयसीमा और बकाया राशि की वसूली से जुड़े नियमों के संदर्भ में महत्वपूर्ण होगा। हालांकि, माफी के प्रस्ताव पर विचार होना और उसे मंजूरी मिलना अलग-अलग बातें हैं। अंतिम फैसला आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि सरकार इन दोनों मामलों में क्या रुख अपनाती है।
