सीतामढ़ी में कोचिंग से लौटते ही 3 छात्राओं की बिगड़ी तबीयत, 2 की मौत

सीतामढ़ी में कोचिंग से घर लौटने के कुछ देर बाद तीन किशोरियों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। दो छात्राओं की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि तीसरी की हालत गंभीर है। जहरीले पदार्थ के सेवन की आशंका ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
कोचिंग से लौटते ही बिगड़ी हालत
बिहार के सीतामढ़ी जिले के बाजपट्टी थाना क्षेत्र के बाजितपुर गांव में यह घटना सामने आई है। बताया गया कि तीन छात्राएं कोचिंग पढ़कर घर लौटी थीं। घर पहुंचने के कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे बेहोश हो गईं। परिजनों ने बिना देर किए उन्हें इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में पहुंचाया।
दो छात्राओं की इलाज के दौरान मौत
मृतकों की पहचान घनश्याम सदा की 16 वर्षीय बेटी सपना कुमारी और रामएकबाल सदा की 15 वर्षीय बेटी कोतरी कुमारी के रूप में हुई है। कोतरी कुमारी ने निजी क्लीनिक में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं सपना को बाजपट्टी पीएचसी से बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

तीसरी छात्रा की हालत नाजुक
तीसरी छात्रा का निजी क्लीनिक में इलाज जारी है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। अचानक तीन छात्राओं की तबीयत बिगड़ने से परिवार और ग्रामीणों में चिंता फैल गई। किसी को समझ नहीं आया कि आखिर कुछ ही समय पहले सामान्य दिख रही छात्राओं की हालत अचानक इतनी खराब कैसे हो गई।
जहरीले पदार्थ के सेवन की आशंका
बाजपट्टी पीएचसी के चिकित्सक ने छात्राओं के किसी जहरीले पदार्थ के सेवन की आशंका जताई है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि छात्राओं की तबीयत किस वजह से बिगड़ी थी। पुलिस ने मामले की जानकारी लेकर जांच शुरू कर दी है। वास्तविक कारण मेडिकल जांच और अन्य जांच के बाद ही सामने आने की उम्मीद है।
पोस्टमार्टम से परिजनों ने किया इनकार
पुलिस के अनुसार, परिजनों ने दोनों मृत छात्राओं का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद लिखित आवेदन के आधार पर शव परिजनों को सौंप दिए गए। बाद में दोनों छात्राओं का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
गांव में पसरा मातम
एक साथ दो किशोरियों की मौत से बाजितपुर गांव में मातम पसरा हुआ है। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि कोचिंग से लौटने के बाद अचानक तीनों छात्राओं की तबीयत क्यों बिगड़ी। पुलिस की जांच और उपलब्ध मेडिकल तथ्यों से ही इस रहस्य से पर्दा उठ सकेगा।
इस घटना ने परिवारों के साथ पूरे गांव को झकझोर दिया है। दो मासूम जिंदगियां खत्म हो चुकी हैं और तीसरी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही है। अब जरूरी है कि घटना की वजह की निष्पक्ष और स्पष्ट जांच हो, ताकि सच्चाई सामने आ सके।