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शिक्षक दिवस पर CM योगी की पाती, बोले- शिक्षा के साथ AI साक्षरता भी समय की मांग

शिक्षक दिवस और 8 सितंबर को होने वाले अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम एक पाती लिखी। इसमें उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा, शिक्षा के व्यापक उद्देश्य, तकनीकी नवाचार और AI साक्षरता को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा।

81 गुरुजनों के सम्मान का किया जिक्र

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्र निर्माण की नींव मजबूत करने वाले 81 गुरुजनों को सम्मानित करने का अवसर मिला। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा में गुरु के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि प्राचीन गुरुकुल केवल शिक्षा प्राप्त करने के स्थान नहीं थे, बल्कि समग्र व्यक्तित्व निर्माण के केंद्र थे।

उनके अनुसार, गुरुकुलों में ज्ञान के साथ जीवन मूल्यों, अनुशासन और दायित्वबोध की शिक्षा भी दी जाती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञान तभी सार्थक है, जब वह जीवन को सरल बनाने के साथ समाज के लिए भी उपयोगी साबित हो।

शिक्षा का मकसद सिर्फ पढ़ना-लिखना नहीं

सीएम योगी ने कहा कि बच्चे केवल पढ़ना और लिखना सीखने के लिए विद्यालय नहीं जाते। शिक्षा का उद्देश्य उन्हें ज्ञान, संस्कार, अनुशासन और आत्मविश्वास देने के साथ जीवन को सही दिशा देने वाली समझ विकसित करना भी है।

उन्होंने कहा कि एक बेहतर शिक्षा व्यवस्था का लक्ष्य ऐसा वातावरण तैयार करना होना चाहिए, जहां विद्यार्थी अपनी प्रतिभा को पहचान सकें और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।

ऑपरेशन कायाकल्प और मिशन प्रेरणा का जिक्र

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने ऑपरेशन कायाकल्प, मिशन प्रेरणा, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना और कौशल विकास कार्यक्रमों को शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यालयी सुविधाओं में सुधार से जोड़ा।

सीएम के मुताबिक, इन प्रयासों से प्रदेश के विद्यालयों में ड्रॉपआउट दर को न्यूनतम करने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। सरकार का जोर बच्चों को विद्यालय से जोड़ने के साथ उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर है।

शिक्षक दिवस पर CM योगी की पाती, बोले- शिक्षा के साथ AI साक्षरता भी समय की मांग

डिजिटल के साथ AI साक्षरता जरूरी

बदलती तकनीक के दौर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सिर्फ डिजिटल साक्षरता पर्याप्त नहीं है। AI साक्षरता भी समय की जरूरत बन चुकी है।

उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डीप-टेक और दूसरी उभरती प्रौद्योगिकियां शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा कर रही हैं। ऐसे में विद्यार्थियों और युवाओं को तकनीकी बदलावों के अनुरूप तैयार करना जरूरी है।

AI City और ड्रोन-UAV इकोसिस्टम पर जोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान, तकनीक, नवाचार और कौशल के साथ जोड़ने की दिशा में काम कर रही है।

उन्होंने लखनऊ में विकसित हो रही AI City और कानपुर में तैयार हो रहे ड्रोन-UAV तकनीक के इकोसिस्टम को प्रदेश के तकनीकी भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल बताया। सरकार का लक्ष्य इन क्षेत्रों के जरिए युवाओं के लिए नए अवसर और रोजगार की संभावनाएं तैयार करना है।

साक्षरता दिवस पर सीएम का संकल्प

8 सितंबर को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि साक्षरता का लक्ष्य केवल सरकारी प्रयासों से पूरा नहीं हो सकता। इसके लिए पूरे समाज की भागीदारी जरूरी है।

उन्होंने संकल्प दोहराया कि हर बच्चा विद्यालय पहुंचे, हर विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल करे और हर युवा कौशल तथा नवाचार से जुड़े। साथ ही हर नागरिक सिर्फ साक्षर ही नहीं, बल्कि डिजिटल और AI ज्ञान से भी परिचित हो।

शिक्षा से तकनीक तक बदलते यूपी की तस्वीर

मुख्यमंत्री की पाती में शिक्षा को केवल रोजगार से जोड़कर देखने के बजाय व्यक्तित्व निर्माण और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने पर जोर दिया गया है। वहीं, बदलती तकनीक के दौर में AI को शिक्षा और कौशल विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने का संकेत भी दिया गया है।

गुरु-शिष्य परंपरा की विरासत और AI जैसी आधुनिक तकनीक के बीच संतुलन बनाने की यह सोच आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की शिक्षा नीति की दिशा को प्रभावित कर सकती है।

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