
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पिहोवा में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भाग लेकर प्रदेशवासियों को संबोधित किया। इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देशभर में आयोजित कार्यक्रमों से जुड़े। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण देखने को मिला। इससे पहले मुख्यमंत्री सैनी ने गीता स्थली ज्योतिसर पहुंचकर पूजा अर्चना की और प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं बल्कि भारत के आत्मसम्मान और पुनर्जागरण का प्रतीक है।
सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने पर विशेष आयोजन
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होना पूरे देश के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने बताया कि यह स्वाभिमान पर्व 11 जनवरी 2026 से शुरू होकर 11 जनवरी 2027 तक मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोमनाथ मंदिर का इतिहास भारत की संस्कृति, संघर्ष और पुनर्निर्माण की अद्भुत कहानी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस ऐतिहासिक विरासत को देश के हर नागरिक से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं ताकि नई पीढ़ी भी भारत के गौरवशाली इतिहास को समझ सके।

हरियाणा से श्रद्धालुओं के लिए विशेष ट्रेन की घोषणा
मुख्यमंत्री ने बताया कि देश के अलग अलग राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सोमनाथ मंदिर पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में हरियाणा सरकार भी 8 जून को श्रद्धालुओं के लिए विशेष ट्रेन रवाना करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को यात्रा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं ताकि हर वर्ग के लोग इस धार्मिक आयोजन का हिस्सा बन सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल धार्मिक यात्रा कराना नहीं बल्कि लोगों को भारत की सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना भी है।
सरदार पटेल के संकल्प और भविष्य के भारत का प्रतीक बना सोमनाथ
सीएम सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल के संकल्प और दृढ़ इच्छाशक्ति से सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण संभव हो पाया था। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 1951 में देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने मंदिर का उद्घाटन किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोमनाथ केवल अतीत की स्मृति नहीं बल्कि भविष्य के आत्मनिर्भर और सांस्कृतिक रूप से मजबूत भारत का प्रतीक भी है। उन्होंने बताया कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत कुरुक्षेत्र को श्रीकृष्ण सर्किट में शामिल कर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है और सोमनाथ स्वाभिमान पर्व को जन आंदोलन बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।