
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को हुए CJP प्रदर्शन के बीच सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो ने राजनीतिक विवाद बढ़ा दिया है। वीडियो में कुछ लोग एक महिला के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। इस घटना को लेकर अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा, जबकि राहुल गांधी ने युवाओं को न्याय दिलाने की बात कही।
वायरल वीडियो पर अखिलेश यादव का हमला
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश की थी। हालांकि, पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। इस दौरान हिरासत में लिए जाने और पुलिस कार्रवाई से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए।
इसी बीच एक वीडियो में कुछ लोगों को एक महिला के साथ मारपीट करते देखा गया। वीडियो साझा करते हुए समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “देश की राजधानी, शर्म से हुई पानी-पानी! ये है भाजपाई नारी वंदन का सच निंदनीय!”
इस बयान के जरिए अखिलेश यादव ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश की। हालांकि, वायरल वीडियो में दिखाई गई घटना की पूरी परिस्थितियों और उसमें शामिल लोगों की पहचान की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

राहुल गांधी ने लोकतंत्र और न्याय का उठाया मुद्दा
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रदर्शन और युवाओं के साथ हुई कार्रवाई को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कारण देश में लोकतंत्र कमजोर हुआ है।
राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान जिन युवाओं पर हमला हुआ, उन्हें न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष और देश के युवाओं को न्याय दिलाने की लड़ाई जारी रहेगी।
उनके बयान से साफ है कि विपक्ष इस पूरे घटनाक्रम को चुनावी प्रक्रिया, लोकतांत्रिक अधिकारों और युवाओं के विरोध-प्रदर्शन से जोड़कर उठा रहा है।
NTA को लेकर जयराम रमेश ने उठाए सवाल
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी युवाओं के आंदोलन का संदर्भ देते हुए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि NTA के कारण करीब तीन महीने पहले शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर युवाओं के विरोध की शुरुआत हुई थी।
जयराम रमेश ने बताया कि शिक्षा संबंधी संसद की स्थायी समिति की रिपोर्ट के आधार पर NTA को लेकर कांग्रेस ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने यह भी कहा कि रिपोर्ट राज्यसभा के सभापति को सौंपी गई है।
11 अक्टूबर को फिर प्रदर्शन का आह्वान
10 अक्टूबर की कार्रवाई और बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिए जाने के बाद CJP ने रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को फिर प्रदर्शन का आह्वान किया। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है और चुनाव में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठा रही है।
युवा और छात्र संगठनों के नेताओं ने अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प जताया है। ऐसे में राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शनकारियों की आवाजाही को लेकर प्रशासन के सामने चुनौती बनी हुई है।
महिला सुरक्षा और लोकतांत्रिक अधिकारों पर बहस
जंतर-मंतर की घटना ने महिला सुरक्षा, पुलिस कार्रवाई और विरोध-प्रदर्शन के अधिकार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को फिर चर्चा में ला दिया है। वायरल वीडियो को लेकर निष्पक्ष जांच और घटना की पूरी जानकारी सामने आना जरूरी है, ताकि जिम्मेदार लोगों की पहचान हो सके।
लोकतंत्र में असहमति जताना नागरिकों का अधिकार है, लेकिन किसी भी परिस्थिति में हिंसा को उचित नहीं ठहराया जा सकता। अब निगाहें इस बात पर हैं कि प्रशासन वायरल वीडियो और प्रदर्शन से जुड़े मामलों में क्या कार्रवाई करता है और 11 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान हालात कैसे रहते हैं।
