
चेन्नई में शनिवार को DMK की अहम बैठक होने जा रही है। पार्टी अध्यक्ष एम.के. स्टालिन चेन्नई स्थित डीएमके मुख्यालय ‘अन्ना अरिवालयम’ में पार्टी सांसदों के साथ बैठक करेंगे। बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर पार्टी की आगे की रणनीति पर चर्चा होने की उम्मीद है।
SIR को लेकर DMK का विरोध जारी
DMK पहले से ही SIR प्रक्रिया का विरोध करती रही है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित होने की आशंका को गंभीरता से देखा जाना चाहिए।
पार्टी नेताओं के मुताबिक, बैठक में यह तय किया जा सकता है कि आने वाली मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया पर किस तरह नजर रखी जाए और किसी भी कथित गड़बड़ी की स्थिति में क्या राजनीतिक कदम उठाए जाएं।
ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग
स्टालिन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग दोहराई है। DMK संसदीय दल की नेता कनिमोझी ने भी केंद्र सरकार पर संवैधानिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगाया है।
INDIA गठबंधन के सांसद भी चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। ऐसे में DMK की बैठक को विपक्ष की व्यापक रणनीति के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

स्टालिन ने हिरासत को लेकर भी उठाए सवाल
स्टालिन ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कुछ प्रदर्शनकारियों की हिरासत पर भी सवाल उठाए। उन्होंने केंद्र सरकार से शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को रिहा करने और विरोध प्रदर्शनों को दबाना बंद करने की अपील की।
उन्होंने दावा किया कि शांतिपूर्ण आंदोलनों को दबाने की कोशिश से आंदोलन और मजबूत हो सकता है।
SSR पर भी रहेगी नजर
निर्वाचन आयोग ने 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। इसमें 1 जनवरी 2027 को पात्रता की तारीख माना गया है।
कार्यक्रम के अनुसार 12 नवंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होगी। इसके बाद 11 दिसंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी और 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
DMK नेताओं का कहना है कि पार्टी इस पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेगी। यदि उसे किसी तरह की गड़बड़ी दिखाई देती है, तो उसके खिलाफ राजनीतिक और कानूनी स्तर पर आवाज उठाई जाएगी।
आज की बैठक से क्या निकल सकता है फैसला?
स्टालिन और पार्टी सांसदों की बैठक के बाद DMK के SIR विरोध की रणनीति को लेकर तस्वीर साफ हो सकती है। पार्टी यह भी तय कर सकती है कि चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों के संयुक्त अभियान में उसकी भूमिका कितनी आक्रामक होगी।
फिलहाल सबकी नजर इस बात पर है कि बैठक के बाद DMK नेतृत्व SIR, SSR और ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर कौन-सा अगला कदम उठाता है।
