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Smallcap Alert: रिकॉर्ड हाई से 85% नीचे आया यह शेयर, बड़े निवेशक कर चुके एग्जिट

स्मॉलकैप कंपनी विष्णु प्रकाश आर पुंगलिया लिमिटेड के शेयरों में नए साल की पहली ही ट्रेडिंग सेशन में तेज दबाव देखने को मिला। गुरुवार, 1 जनवरी को कंपनी के शेयरों में करीब 5 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। यह लगातार दूसरा कारोबारी सत्र है, जब स्टॉक लाल निशान में बंद हुआ। पिछले 25 ट्रेडिंग सेशनों में शेयर सिर्फ चार बार ही हरे निशान में रहा है, जिससे निवेशकों का भरोसा लगातार कमजोर होता दिख रहा है। दिसंबर के अंत तक यह शेयर लगातार आठ महीनों तक नकारात्मक रिटर्न देता रहा, जिसने पहले से ही चिंतित निवेशकों की परेशानी और बढ़ा दी है।

रिकॉर्ड हाई से 85% से ज्यादा टूट चुका है शेयर

इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट सेक्टर की यह कंपनी अपने रिकॉर्ड हाई से अब तक 85 प्रतिशत से ज्यादा टूट चुकी है। दिसंबर 2024 में जहां इस शेयर का भाव ₹345.75 था, वहीं अब यह गिरकर करीब ₹49.48 के स्तर पर आ गया है। बीते एक साल में ही शेयर ने निवेशकों को 83 प्रतिशत से ज्यादा का नुकसान दिया है। अगर छोटे समय के रिटर्न की बात करें, तो पिछले छह महीनों में स्टॉक करीब 70 प्रतिशत और सिर्फ एक महीने में ही 39 प्रतिशत से ज्यादा गिर चुका है। इतनी तेज गिरावट ने बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बना दिया है और कई छोटे निवेशक घबराकर अपने शेयर बेचने को मजबूर हो रहे हैं।

बड़े निवेशकों की एग्जिट से बढ़ी चिंता

कंपनी के शेयरहोल्डिंग पैटर्न पर नजर डालें तो निवेशकों की चिंता और गहरी हो जाती है। सितंबर 2023 तक कंपनी में मैक्स लाइफ इंश्योरेंस, कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी और सिक्सटींथ स्ट्रीट एशियन जेम्स फंड जैसे बड़े और प्रतिष्ठित संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी थी। हालांकि, सितंबर 2025 तिमाही के अंत तक ये सभी नाम शेयरहोल्डर्स की सूची से पूरी तरह गायब हो चुके हैं। इसका साफ मतलब है कि बड़े निवेशकों ने इस शेयर से दूरी बना ली है और बड़े पैमाने पर शेयरों की बिकवाली हुई है। आमतौर पर जब संस्थागत निवेशक किसी स्टॉक से बाहर निकलते हैं, तो वह खुदरा निवेशकों के लिए एक नकारात्मक संकेत माना जाता है।

प्रमोटर्स की हिस्सेदारी घटी, भविष्य को लेकर सवाल

निवेशकों के लिए एक और चिंता की बात यह है कि कंपनी के प्रमोटर्स ने भी अपनी हिस्सेदारी घटाई है। सितंबर तिमाही में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 67 प्रतिशत से घटकर 58 प्रतिशत पर आ गई। प्रमोटर्स द्वारा शेयर बेचना अक्सर बाजार में भरोसे को कमजोर करता है, क्योंकि इसे कंपनी के भविष्य को लेकर आशंकाओं के तौर पर देखा जाता है। लगातार गिरते शेयर भाव, बड़े निवेशकों की एग्जिट और प्रमोटर हिस्सेदारी में कमी—ये सभी संकेत मिलकर बताते हैं कि फिलहाल विष्णु प्रकाश आर पुंगलिया लिमिटेड के शेयरों में जोखिम काफी ज्यादा है। ऐसे में बाजार विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि किसी भी तरह का निवेश फैसला लेने से पहले कंपनी के फंडामेंटल्स, ऑर्डर बुक और वित्तीय स्थिति का गहराई से विश्लेषण जरूर करें, ताकि जल्दबाजी में लिया गया फैसला भारी नुकसान में न बदल जाए।

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