पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री का उभार, सरगुन मेहता ने बताया बदलाव का सफर

पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री इन दिनों जबरदस्त उछाल पर है। फिल्मों और म्यूजिक वीडियोज की लोकप्रियता देश ही नहीं, विदेशों में भी तेजी से बढ़ी है। बॉक्स ऑफिस पर पंजाबी फिल्मों का प्रदर्शन अब नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इसी बीच अभिनेत्री सरगुन मेहता ने इंडस्ट्री के इस बदलाव और विकास पर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि जब उनकी पहली पंजाबी फिल्म अगस्त 2015 में रिलीज हुई थी, तब इंडस्ट्री का स्वरूप काफी अलग था। उस दौर में साल भर में महज 7 से 10 फिल्में बनती थीं, लेकिन आज यह संख्या बढ़कर 70 से 80 फिल्मों तक पहुंच गई है। यह बदलाव इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी छलांग साबित हुआ है।
कम बजट से 30 करोड़ तक, बदली फिल्मों की तस्वीर
सरगुन मेहता ने बताया कि पहले पंजाबी फिल्मों का बजट औसतन 6 से 7 करोड़ रुपये हुआ करता था, जबकि अब कई फिल्मों का बजट 25 से 30 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री ने पिछले कुछ वर्षों में जबरदस्त बूम देखा है और बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि इस तेजी के साथ इंडस्ट्री अब एक खास फॉर्मूले पर ज्यादा निर्भर हो गई है। उनके अनुसार, जब कोई फॉर्मूला सफल हो जाता है, तो निर्माता और निर्देशक उसी दिशा में आगे बढ़ते हैं, जिससे जोखिम लेने की प्रवृत्ति कम हो जाती है। सरगुन ने कहा कि वह अक्सर अपने पति रवि दुबे से चर्चा करती हैं कि शायद अब नए प्रयोग और जोखिम लेने का समय आ गया है।

100 करोड़ क्लब पर सरगुन की खुशी
पंजाबी सिनेमा के लिए ऐतिहासिक पल तब आया जब गिप्पी ग्रेवाल की 2012 में रिलीज हुई फिल्म ‘कैरी ऑन जट्टा’ ने 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया। यह पंजाबी इंडस्ट्री की पहली फिल्म थी जिसने यह मुकाम हासिल किया। सरगुन मेहता ने इस उपलब्धि पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह उस फिल्म का हिस्सा नहीं थीं, लेकिन उन्हें इस सफलता पर बेहद गर्व महसूस हुआ। उन्होंने बताया कि वह लगातार गिप्पी ग्रेवाल को फोन कर यह पूछती रहीं कि फिल्म 100 करोड़ क्लब तक पहुंची या नहीं। उनके मुताबिक, जब एक बार यह बाधा टूट जाती है, तो आगे भी ऐसे रिकॉर्ड बनाना संभव हो जाता है।
इंडस्ट्री का भविष्य और अफवाहों पर सफाई
सरगुन मेहता का मानना है कि पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री अभी खुद को और बेहतर ढंग से पहचानने और विकसित करने की प्रक्रिया में है। उन्होंने कहा कि दर्शकों और निर्माताओं को नए विषयों और प्रयोगों के लिए खुला रहना चाहिए, ताकि इंडस्ट्री और मजबूत बन सके। हाल ही में उनकी प्रेग्नेंसी को लेकर भी अफवाहें सामने आई थीं, जिन्हें उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान अपने करियर और आने वाले प्रोजेक्ट्स पर है। सरगुन की यह बेबाक बातचीत पंजाबी सिनेमा के वर्तमान और भविष्य की दिशा को लेकर महत्वपूर्ण संकेत देती है।