रेलवे पुलिस की बड़ी कार्रवाई, बेंगलुरु में ओडिशा के तस्करों से लाखों का गांजा जब्त

नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कर्नाटक रेलवे पुलिस ने एक अहम और प्रभावशाली कार्रवाई करते हुए बेंगलुरु शहर में गांजा की बड़ी खेप पकड़ने में सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई शनिवार 17 जनवरी को येलहंका रेलवे स्टेशन पर की गई, जहां पुलिस की सतर्कता और खुफिया तंत्र की मजबूती साफ तौर पर देखने को मिली। रेलवे पुलिस के स्पेशल स्क्वाड को पहले से ही इनपुट मिला हुआ था कि एक ट्रेन के जरिए बड़ी मात्रा में गांजा बेंगलुरु लाया जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर टीम ने स्टेशन पर जाल बिछाया और ट्रेन के पहुंचते ही संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। यह ऑपरेशन बेहद योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया ताकि किसी भी तरह की चूक न हो और आरोपी भागने में सफल न हो सकें।
26.12 किलोग्राम गांजा और मोबाइल फोन बरामद
खुफिया सूचना के अनुसार, ट्रेन नंबर 18463 प्रशांति एक्सप्रेस के येलहंका रेलवे स्टेशन पर पहुंचने के समय रेलवे पुलिस ने छापेमारी की। इस दौरान दो यात्रियों को संदिग्ध हालत में भारी सामान के साथ देखा गया, जिसके बाद उन्हें रोका गया और पूछताछ की गई। तलाशी के दौरान पुलिस को उनके पास से 26.12 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। इसके साथ ही दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए, जिनका इस्तेमाल तस्करी से जुड़े संपर्कों के लिए किए जाने की आशंका है। जब्त किए गए गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 13 लाख 36 हजार रुपये बताई जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा में गांजा पकड़े जाने से यह साफ हो गया कि यह केवल छोटी तस्करी नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।

ओडिशा के दो आरोपी गिरफ्तार
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान बिचित्रानंद पट्टा उम्र 33 वर्ष और चैतन्य झंकार उम्र 25 वर्ष के रूप में हुई है। दोनों आरोपी ओडिशा राज्य के कंधमाल जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं और पेशे से लकड़हारा हैं। शुरुआती पूछताछ में पुलिस को संदेह है कि ये दोनों केवल कैरियर की भूमिका में थे और इनके पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय हो सकता है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों को गांजा कहां से मिला और उन्हें बेंगलुरु लाने के बदले कितनी रकम दी जानी थी। आरोपियों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
NDPS एक्ट के तहत केस और आगे की जांच
इस पूरे मामले में बेंगलुरु ग्रामीण रेलवे पुलिस ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटांसेस यानी NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच का दायरा अब और बढ़ाया जा रहा है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गांजा की यह खेप किस इलाके से लाई गई थी और बेंगलुरु में इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। साथ ही मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा की भी जांच की जा रही है ताकि तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की पहचान हो सके। रेलवे पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक मजबूत संदेश गया है और आने वाले समय में ऐसे मामलों पर और सख्ती की जाएगी।
