व्यापार

माइक्रोसॉफ्ट ने 55 हजार करोड़ में खरीदी नोकिया, लेकिन एंड्रॉयड-आईओएस के सामने ढेर हो गया साम्राज्य

साल 2014 में माइक्रोसॉफ्ट ने नोकिया के मोबाइल और सर्विस बिज़नेस को 5.44 बिलियन यूरो (करीब 55,680 करोड़ रुपये) में खरीद लिया था। उस समय यह सौदा स्मार्टफोन बाज़ार में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा गया था। लेकिन एंड्रॉयड और iOS से टक्कर लेना आसान नहीं था और माइक्रोसॉफ्ट को इस बिज़नेस में भारी नुकसान उठाना पड़ा। नतीजतन, साल 2016 में माइक्रोसॉफ्ट ने नोकिया ब्रांड को HMD Global को बेच दिया। हालांकि नोकिया का मोबाइल फोन बिज़नेस खत्म हो गया, लेकिन कंपनी ने खुद को नए रूप में ढाला और आज भी एक मजबूत ब्रांड के तौर पर कायम है।

नेटवर्क इन्फ्रास्ट्रक्चर में बड़ी ताक़त

आज नोकिया का मुख्य फोकस मोबाइल नेटवर्क के हार्डवेयर और सॉफ़्टवेयर इन्फ्रास्ट्रक्चर पर है। कंपनी दुनिया भर में 5G और आने वाली 6G टेक्नोलॉजी को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। अप्रैल से जून 2025 की तिमाही में केवल इसी सेगमेंट से कंपनी ने लगभग 19,500 करोड़ रुपये की कमाई की। भारत समेत कई देशों में टेलीकॉम ऑपरेटर नोकिया की तकनीक का इस्तेमाल अपने नेटवर्क को तेज़ और मज़बूत बनाने में करते हैं। यही वजह है कि नोकिया अब मोबाइल निर्माण से आगे बढ़कर एक टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के रूप में पहचानी जाती है।

माइक्रोसॉफ्ट ने 55 हजार करोड़ में खरीदी नोकिया, लेकिन एंड्रॉयड-आईओएस के सामने ढेर हो गया साम्राज्य

एंटरप्राइज़ सॉल्यूशंस और क्लाउड सेवाएँ

नोकिया अब केवल टेलीकॉम नेटवर्क तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर, ट्रांसपोर्टेशन जैसे क्षेत्रों में एंटरप्राइज़ सॉल्यूशंस भी प्रदान कर रही है। कंपनी खास तौर पर इंडस्ट्रीज़ के लिए प्राइवेट नेटवर्क तैयार करती है, ताकि सुरक्षा और दक्षता में बढ़ोतरी हो सके। इसके साथ ही नोकिया क्लाउड और कंप्यूटिंग से जुड़ी सेवाएँ भी देता है। इसमें नेटवर्क ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा प्रोसेसिंग जैसी आधुनिक तकनीक शामिल है, जो आने वाले समय में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

सेवाएँ, रिसर्च और राजस्व

नोकिया का काम ऑप्टिकल और फिक्स्ड नेटवर्क, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर, IP/MPLS और सुरक्षा सेवाओं तक फैला हुआ है। इसके अलावा कंपनी एनर्जी, डिफेंस, रिसर्च, एजुकेशन और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में भी अपनी सेवाएँ उपलब्ध करा रही है। नोकिया का एक बड़ा हिस्सा टेक्नोलॉजी लाइसेंसिंग से भी जुड़ा है, जहां वह अपनी रिसर्च और इनोवेशन को पेटेंट कर कंपनियों को उपलब्ध कराता है। साल 2024 में नोकिया का कुल राजस्व लगभग 1.96 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि इसकी मौजूदा मार्केट कैपिटल 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। यह साबित करता है कि मोबाइल बिज़नेस खोने के बावजूद नोकिया ने अपनी पहचान बरकरार रखी और टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक मज़बूत खिलाड़ी बनकर उभरा।

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