GST reforms का ऐतिहासिक ऐलान, अमेरिकी टैरिफ के झटके के बीच देश की अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेड फोर्ट से अपने भाषण में देशभर में GST सुधारों की बड़ी घोषणा की। सरकार का उद्देश्य न केवल कर प्रणाली को और सरल बनाना है, बल्कि व्यापारियों और आम नागरिकों पर पड़ने वाले कर बोझ को कम करना भी है। यह उम्मीद की जा रही है कि नए जीएसटी सुधार इस साल दिवाली से पहले पूरे देश में लागू कर दिए जाएंगे, जिससे अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव से झटके झेल रही अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
जीएसटी स्लैब में बड़ा बदलाव
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में यह भी संकेत दिया कि रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं पर कर और कीमतें कम की जाएंगी। वर्तमान में भारत में पांच जीएसटी स्लैब हैं – 0 प्रतिशत, 5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और अधिकतम 28 प्रतिशत। लेकिन सरकार अब इसे केवल दो स्लैब में लाने की योजना बना रही है। इसके साथ ही वस्तुओं पर लगे सेस को भी हटाया जा सकता है, जिससे स्थानीय विक्रेता, एमएसएमई और उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में 28 प्रतिशत स्लैब में आने वाली 90 प्रतिशत वस्तुएं 18 प्रतिशत स्लैब में आएंगी। इसी तरह, वर्तमान में 12 प्रतिशत स्लैब वाली सभी वस्तुएं 5 प्रतिशत स्लैब में शामिल की जाएंगी। इससे दैनिक उपयोग की वस्तुओं, दवाओं, प्रोसेस्ड फूड, डेयरी उत्पादों, होटल और निर्माण सामग्री की कीमतें कम होंगी। साथ ही, एयर कंडीशनर, फ्रिज, सीमेंट और बीमा क्षेत्र पर भी कर में कमी का असर दिखाई देगा।
लग्जरी और हानिकारक वस्तुओं पर बढ़ेगा कर
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि दो स्लैब रखने के बावजूद लग्जरी और हानिकारक वस्तुओं पर GST दर 40 प्रतिशत की जाएगी। इसमें शामिल हैं – पान, सिगरेट, तंबाकू, लग्जरी कारें, SUP और ऑनलाइन गेमिंग। राजस्व विभाग ने सामाजिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए हानिकारक और लग्जरी वस्तुओं की एक अलग श्रेणी बनाई है, जिसमें ऑनलाइन गेमिंग भी फिट बैठती है।
विशेषकर चार पहिया वाहनों में 1200 सीसी से कम इंजन और दो पहिया वाहनों में 500 सीसी से कम इंजन वाले वाहनों पर 28 प्रतिशत से 18 प्रतिशत स्लैब में बदलाव होने से बिक्री में वृद्धि की उम्मीद है। इससे मारुति सुजुकी और हीरो मोटर कॉर्प जैसे ब्रांडों को लाभ मिलने की संभावना है। गौरतलब है कि भारत में जीएसटी पहली बार 1 जुलाई 2017 को लागू किया गया था, जिसमें पूरे देश में सभी राज्य और केंद्रीय करों को मिलाकर पांच स्लैब में कर प्रणाली लागू की गई थी।