टेक्नॉलॉजी

चार साल की सजा सुनाई गई कर्मचारी को, जिसने कंपनी के सर्वर को बना दिया कैदखाना

किसी भी कर्मचारी के लिए प्रमोशन की उम्मीद करना स्वाभाविक है, लेकिन अगर उसकी जगह डिमोशन हो जाए तो गुस्सा आना भी लाजमी है। कई लोग ऐसी स्थिति में नौकरी छोड़ देते हैं, लेकिन एक चीनी शख्स ने बिल्कुल अलग रास्ता चुना। अमेरिका की एक कंपनी में काम करने वाले इस कर्मचारी ने प्रमोशन न मिलने और डिमोशन से नाराज होकर कंपनी से बदला लेने का फैसला किया। उसने कंपनी के सर्वर में मैलवेयर डाल दिया, जिससे कंपनी को करोड़ों का नुकसान हुआ और अब इस शख्स को जेल की सजा सुनाई गई है।

12 साल काम किया और फिर किया साइबर अटैक

यह मामला अमेरिका की कंपनी Eaton का है, जहां 55 वर्षीय डेविड लू पिछले 12 साल से काम कर रहे थे। कंपनी ने जब 2019 में स्ट्रक्चर बदलने का फैसला किया, तो लू को डिमोट कर दिया गया। इस फैसले से नाराज होकर लू ने कंपनी के खिलाफ साइबर अटैक की योजना बनाई। उन्होंने कंपनी के सर्वर पर एक ऐसा मैलिशियस कोड बनाया जो तभी एक्टिव होता जब उनका नाम कंपनी की डायरेक्टरी से हटा दिया जाता। जैसे ही सितंबर 2019 में उन्हें कंपनी से निकाल दिया गया, यह कोड सक्रिय हो गया और हजारों कर्मचारी कंपनी के सर्वर पर लॉगिन नहीं कर पाए।

चार साल की सजा सुनाई गई कर्मचारी को, जिसने कंपनी के सर्वर को बना दिया कैदखाना

कंपनी को हुआ लाखों डॉलर का नुकसान

लू की इस हरकत से कंपनी को भारी नुकसान उठाना पड़ा। Eaton की आंतरिक जांच में सामने आया कि कंपनी को 3.60 लाख अमेरिकी डॉलर से ज्यादा का नुकसान हुआ। इस दौरान लू ने कंपनी के लैपटॉप पर ही सभी कोड तैयार किए थे। इतना ही नहीं, कंपनी को लैपटॉप लौटाने से पहले उन्होंने कई जरूरी डेटा डिलीट कर दिए और डेटा रिकवरी के सारे रास्ते भी बंद कर दिए, ताकि कोई जानकारी वापस हासिल न हो सके।

कोर्ट ने सुनाई 4 साल की सजा

इस साइबर अपराध के बाद पुलिस ने करीब एक महीने में ही डेविड लू को गिरफ्तार कर लिया था। जांच और सुनवाई के बाद उन्हें दोषी पाया गया। कोर्ट ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए लू को चार साल की कैद की सजा सुनाई। यह मामला न केवल कंपनियों के लिए साइबर सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सबक है, बल्कि कर्मचारियों को भी यह याद दिलाता है कि गुस्से में उठाया गया गलत कदम उनकी पूरी जिंदगी बर्बाद कर सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button