
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बारामती के पास हुए भीषण विमान हादसे में निधन की खबर से पूरे देश में शोक की लहर फैल गई है। इस दुखद घटना ने न सिर्फ महाराष्ट्र बल्कि राष्ट्रीय राजनीति को भी झकझोर कर रख दिया है। अजित पवार को एक अनुभवी और जमीनी नेता माना जाता था, जिनकी सक्रियता और राजनीतिक पकड़ किसी से छिपी नहीं थी। उनके अचानक चले जाने से राजनीतिक जगत में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है। हर दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसे देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। हादसे के बाद से ही इस घटना को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं और इसकी निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।
मल्लिकार्जुन खरगे ने की जांच की मांग, परिवार के प्रति जताया संवेदन
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस विमान हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद और पीड़ादायक घटना है, जिसमें एक मेहनती और अनुभवी नेता असमय हमसे चला गया। खरगे ने कहा कि अजित पवार की मौत से पूरा देश सदमे में है और कांग्रेस पार्टी इस दुख की घड़ी में उनके परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस हादसे की पूरी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। खरगे के बयान के बाद राजनीतिक हलकों में जांच की मांग और तेज हो गई है।
#WATCH | दिल्ली | महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के निधन पर, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, "हम इस दुर्घटना की जांच की मांग करेंगे… यह बहुत दुखद घटना है। अजीत पवार की असमय मौत हो गई। एक मेहनती इंसान के चले जाने से हम सब सदमे में हैं। दुख की इस घड़ी… pic.twitter.com/b7isGLy7qN
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 28, 2026
ममता बनर्जी ने उठाए गंभीर सवाल, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस हादसे को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने कहा था कि अजित पवार जल्द ही शरद पवार के गुट में वापस लौटने वाले थे और उससे पहले यह हादसा होना कई सवाल पैदा करता है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि मौजूदा एजेंसियों पर भरोसा नहीं किया जा सकता, इसलिए इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए। उन्होंने देश में नेताओं और आम लोगों की सुरक्षा पर भी सवाल उठाए। ममता ने कहा कि पहले अहमदाबाद में बड़ा हादसा हुआ और अब अजित पवार की जान चली गई। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि देश के नेता समय की कमी के कारण चार्टर्ड फ्लाइट से यात्रा करते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा को लेकर कोई ठोस व्यवस्था नजर नहीं आती।
सुबह 8.50 बजे हुआ हादसा, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया शोक
जानकारी के अनुसार यह दर्दनाक विमान हादसा सुबह करीब 8 बजकर 50 मिनट पर बारामती के पास हुआ। अजित पवार मुंबई से जिला परिषद चुनाव के सिलसिले में चार रैलियों को संबोधित करने के लिए रवाना हुए थे। इस हादसे में उनके साथ चार अन्य लोगों की भी मौत हो गई, जिनमें विमान चालक दल के दो सदस्य शामिल थे। हादसे की खबर मिलते ही राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया, लेकिन किसी को भी बचाया नहीं जा सका। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत देश के कई बड़े नेताओं ने अजित पवार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। सभी ने इसे देश और महाराष्ट्र के लिए एक बड़ी क्षति बताते हुए दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवार के प्रति संवेदना जताई।
