आर्मी कैंप स्टोर में आग भड़कने से हड़कंप, जवान और फायर ब्रिगेड कर रहे आग पर काबू

उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ में स्थित आर्मी कैंप के एक गोदाम में आग लगने की घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। अभी तक आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैल रही थी, जिससे फायर ब्रिगेड और सेना को स्थिति पर काबू पाने में विशेष सावधानी बरतनी पड़ी।
सेना कर्मियों की सक्रिय भागीदारी
आग की तीव्रता को देखते हुए आर्मी के जवान भी आग बुझाने के कार्य में शामिल हो गए। कैंप के भीतर आग फैलने से पूरे परिसर में तनाव और दहशत का माहौल बन गया। फायर ब्रिगेड और सेना की संयुक्त कार्रवाई के कारण आग को नियंत्रित करने में सहायता मिल रही है। अधिकारियों ने बताया कि आग फैलने की रफ्तार तेज होने के बावजूद बचाव कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि किसी प्रकार का जान-माल का नुकसान कम से कम हो।
#WATCH | A massive fire broke out in a store located inside an Army camp on the Auli Road in Joshimath, Chamoli district of Uttarakhand. Fire tenders present at the spot. https://t.co/RTNBve31ED pic.twitter.com/ppcMVLA0Fs
— ANI (@ANI) January 2, 2026
काले धुएं और ऊंची लपटें
गोदाम में लगी आग से काले धुएं की घनी चादर और आसमान में ऊंची लपटें उठती हुई देखी गई। सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों के द्वारा साझा किए गए वीडियो में आग की भयावहता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। आग से कैंप के महत्वपूर्ण सामान और सामग्री भी नष्ट हो गई है। हालांकि अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है, लेकिन संपत्ति और गोदाम में रखे माल को भारी नुकसान हुआ है।
आगे की कार्रवाई और नुकसान का अनुमान
सेना और फायर ब्रिगेड मिलकर आग पर काबू पाने के प्रयास कर रही है। अधिकारियों ने कहा कि नुकसान का आकलन तभी किया जा सकेगा जब आग पूरी तरह से बुझ जाए। फायर ब्रिगेड ने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा मानकों के अनुसार सावधानी बरती जा रही है ताकि पुनः आग फैलने का खतरा न रहे। सेना ने भी अपने जवानों और संसाधनों को तैनात किया है ताकि इस घटना का प्रभाव कम से कम हो और कैंप जल्द सामान्य स्थिति में लौट सके।
इस प्रकार जोशीमठ के आर्मी कैंप में लगी आग ने न केवल संपत्ति को नुकसान पहुँचाया है बल्कि सुरक्षा और बचाव के लिए सेना और फायर ब्रिगेड की तत्परता को भी चुनौती दी है। अधिकारी आग के कारणों की जांच कर रहे हैं और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के उपायों पर भी ध्यान दे रहे हैं।