अमेरिका-ईरान विवाद ने चांदी के दामों में अचानक 8,000 रुपये का उछाल क्यों लगाया

चांदी के दामों में शुक्रवार, 27 फरवरी को तेज उछाल देखा गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के भाव में एक ही बार में लगभग 8,000 रुपये की तेजी आई। निवेशकों में यह उत्साह इस बात से जुड़ा है कि अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता अभी तक निष्कर्ष तक नहीं पहुँच पाई है। वैश्विक बाजारों में अस्थिरता के चलते निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। डॉलर भी तीन सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुँच गया है। इसी बीच भारतीय रुपया व्यापार सत्र में कमजोर स्थिति में रहा।
मार्च एक्सपायरी चांदी की कीमतें
MCX पर मार्च 5, 2026 की एक्सपायरी वाली चांदी का भाव लगभग ₹267,100 प्रति किलो था। दिन की शुरुआत चांदी ₹267,500 प्रति किलो से हुई थी। दिनभर के कारोबार में चांदी की कीमत में 2.86 प्रतिशत या ₹7,431 का इजाफा हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अस्थिरता के बीच निवेशक चांदी और सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों की ओर बढ़ रहे हैं। चांदी की तेजी ने निवेशकों का आत्मविश्वास बढ़ाया है और इसे चार सप्ताह के उच्च स्तर के करीब व्यापार करते देखा गया।

अमेरिका-ईरान वार्ता का असर
जिनेवा में अमेरिका और ईरान के बीच हुई वार्ता अभी तक ठोस नतीजे तक नहीं पहुँच पाई है। हालांकि, वार्ता में मध्यस्थ ओमान ने इसे सकारात्मक बताया। कई घंटों की चर्चा के बाद भी कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सैन्य उपस्थिति बढ़ाने की बात कही, जिससे वैश्विक तनाव और बढ़ गया। यह तनाव चांदी के दामों में तेजी का मुख्य कारण बना। निवेशक वैश्विक अस्थिरता के समय सुरक्षित संपत्ति की ओर आकर्षित होते हैं और इसी कारण चांदी की मांग बढ़ी है।
सुरक्षित निवेश के रूप में चांदी की मजबूती
विशेषज्ञों के अनुसार, भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी व्यापार नीति के अनिश्चित माहौल में निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ रहे हैं। इस वजह से सोने और चांदी के दाम चार सप्ताह के उच्चतम स्तर के करीब बने हुए हैं। चांदी अब लगभग ₹275,000 के प्रतिरोध स्तर की ओर बढ़ रही है। निवेशकों का विश्वास चांदी पर बढ़ा है और इसे भविष्य में भी सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है। यदि वैश्विक तनाव जारी रहता है तो चांदी की कीमत में और उछाल देखा जा सकता है।
