नोएडा में मजदूरों का हिंसक बवाल सैलरी विवाद से मचा बड़ा हंगामा

उत्तर प्रदेश के नोएडा में सोमवार सुबह एक बड़ा बवाल देखने को मिला जब फेज-2 क्षेत्र में सैलरी और वेतन वृद्धि की मांग को लेकर चल रहा मजदूरों का प्रदर्शन अचानक हिंसक झड़प में बदल गया। सुबह करीब 9:30 बजे एक प्राइवेट कंपनी के सैकड़ों कर्मचारी वेतन को लेकर इकट्ठा हुए थे। शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण था लेकिन पुलिस से हुई नोकझोंक के बाद स्थिति तेजी से बिगड़ गई। देखते ही देखते भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया और इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल
जब प्रदर्शनकारियों की भीड़ बेकाबू हो गई तो पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए लाठीचार्ज किया। इसके बाद माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया और प्रदर्शनकारी मजदूरों ने उग्र होकर पत्थरबाजी शुरू कर दी। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इस दौरान कई जगहों पर झड़पें हुईं और सड़क पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा। पुलिस ने हालात पर काबू पाने की कोशिश की लेकिन भीड़ लगातार आक्रामक होती गई।

वाहनों में आगजनी और संपत्ति को नुकसान, कई जगह फैली हिंसा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सेक्टर-1 में लगभग 84 श्रमिकों ने स्थिति को और बिगाड़ते हुए वाहनों में आग लगा दी। यहां तक कि पुलिस की दो गाड़ियों को भी पलटकर आग के हवाले कर दिया गया। प्रदर्शन का असर सिर्फ एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सेक्टर-62 तक भी इसका फैलाव देखने को मिला। हजारों की संख्या में मजदूर सड़कों पर उतर आए और कई जगह तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
तीन दिन से चल रहा था विरोध, बातचीत विफल होने पर भड़की हिंसा
जानकारी के अनुसार यह प्रदर्शन पिछले तीन दिनों से वेतन वृद्धि और मजदूरी से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहा था। मजदूरों की मांग थी कि हाल ही में लागू किए गए लेबर एक्ट के तहत हुई बढ़ोतरी पर्याप्त नहीं है। प्रशासन और पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने की कोशिश कर रहे थे। डीएम, पुलिस कमिश्नर और नोएडा प्राधिकरण के सीईओ ने भी वार्ता की थी, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। अंततः सोमवार को प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया और स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर चली गई।