अमेरिकी AI टूल से भारतीय IT कंपनियों की कमाई पर बढ़ा खतरा, निवेशक चिंतित

भारतीय शेयर बाजार में IT सेक्टर के शेयरों में पिछले आठ दिनों से लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। वैश्विक बाजार में अस्थिरता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच IT कंपनियों के शेयरों में बड़े पैमाने पर बिकवाली हुई है। इस दौरान करीब 6 लाख करोड़ रुपये का मार्केट कैपिटलाइजेशन घट गया है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का बाजार मूल्य अब 2020 के स्तर से नीचे गिरकर 10 लाख करोड़ रुपये से कम हो गया है।
IT कंपनियों के शेयरों में क्यों आई गिरावट?
पिछले आठ ट्रेडिंग दिनों में TCS के शेयर करीब 19 प्रतिशत, इंफोसिस के 21 प्रतिशत और HCL टेक्नोलॉजीज के शेयर लगभग 17 प्रतिशत गिर गए। केवल शुक्रवार को ही TCS के शेयर 6 प्रतिशत और निफ्टी IT इंडेक्स लगभग 5 प्रतिशत नीचे आए। इस गिरावट का कारण किसी एक कंपनी के नतीजे या घोषणा नहीं बल्कि वैश्विक अस्थिरता और AI को लेकर बढ़ती चिंताएं हैं। निवेशक यह सोच रहे हैं कि तेजी से विकसित होने वाली AI तकनीक पारंपरिक IT सेवाओं के बिजनेस मॉडल को प्रभावित कर सकती है।

अमेरिकी अर्थव्यवस्था और ब्याज दरें प्रभावित कर रही निवेशकों का भरोसा
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका से आने वाले मजबूत रोजगार आंकड़े निवेशकों की यह उम्मीद कम कर रहे हैं कि जल्द ही ब्याज दरों में कटौती होगी। उच्च ब्याज दरें निवेशकों को विकास और तकनीकी शेयरों में सतर्क बनाती हैं। भारतीय IT कंपनियों की आय का बड़ा हिस्सा अमेरिकी क्लाइंट्स से आता है। यदि अमेरिकी कंपनियां तकनीकी खर्च कम करती हैं, तो इससे भारतीय IT कंपनियों की आमदनी प्रभावित हो सकती है और निवेशकों का भरोसा टूट सकता है।
AI और नई तकनीक से बढ़ा निवेशकों का डर
इसके अलावा अमेरिकी AI स्टार्टअप Anthropic द्वारा विकसित नया AI टूल भी शेयरों में गिरावट का कारण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि यह टूल पारंपरिक IT मॉडल को चुनौती दे सकता है। इससे IT सेक्टर में नौकरियों और काम के घंटे घटने की आशंका पैदा हो गई है। यही वजह है कि AI को लेकर बढ़ती अनिश्चितता ने निवेशकों की मानसिकता पर गहरा असर डाला है और IT शेयरों पर दबाव बना हुआ है।