लोकयान 26 मिशन के तहत भारतीय नौसेना का जहाज यूरोप के ऐतिहासिक बंदरगाह पहुंचा

भारतीय नौसेना का प्रसिद्ध सेल ट्रेनिंग शिप आईएनएस सुदर्शिनी 12 मार्च 2026 को यूरोप के ऐतिहासिक देश माल्टा के वालेटा बंदरगाह पर पहुंचा। यह यात्रा उसके वैश्विक समुद्री अभियान लोकयान 26 का अहम हिस्सा है। करीब 22 हजार नॉटिकल मील की इस लंबी यात्रा के दौरान आईएनएस सुदर्शिनी कई देशों के बंदरगाहों का दौरा कर रहा है। वालेटा पहुंचने से पहले जहाज ने दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण समुद्री राहों में से एक स्वेज नहर को पार किया और मिस्र के अलेक्जेंड्रिया बंदरगाह पर भी पोर्ट कॉल किया था। इस यात्रा का उद्देश्य केवल नौसैनिक प्रशिक्षण नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री सहयोग और सांस्कृतिक कूटनीति को मजबूत करना भी है।
भारत और माल्टा के बीच समुद्री सहयोग पर हुई अहम चर्चा
माल्टा पहुंचने के बाद आईएनएस सुदर्शिनी के कमांडिंग ऑफिसर ने वहां भारत की हाई कमिश्नर रचित भंडारी से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान भारत और माल्टा के बीच समुद्री सहयोग को और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। हाई कमिश्नर ने कहा कि माल्टा में इस जहाज की मौजूदगी भारत के महासागर विजन का प्रतीक है। यह विजन समुद्री सुरक्षा सहयोग और लोगों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने पर आधारित है। उन्होंने कहा कि इस तरह की यात्राएं दोनों देशों के बीच विश्वास और साझेदारी को बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनती हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की समुद्री भूमिका को भी मजबूत करती हैं।

कोच्चि से शुरू हुई थी लोकयान 26 की वैश्विक यात्रा
आईएनएस सुदर्शिनी ने अपनी इस ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत 20 जनवरी 2026 को केरल के कोच्चि बंदरगाह से की थी। अब यह अभियान अपने दूसरे महीने में प्रवेश कर चुका है। इस दौरान जहाज का दल विभिन्न देशों के नौसैनिक अधिकारियों और सशस्त्र बलों के साथ मुलाकात और बातचीत करेगा। माल्टा के बाद जहाज फ्रांस के तट की ओर रवाना होगा जहां वह मशहूर एस्केल आ सेत मैरिटाइम फेस्टिवल में हिस्सा लेगा। इस अंतरराष्ट्रीय समुद्री उत्सव में दुनिया के कई बड़े टॉल शिप्स शामिल होते हैं और वहां भारत का प्रतिनिधित्व आईएनएस सुदर्शिनी करेगा। यह अवसर भारतीय नौसेना की परंपरा और समुद्री कौशल को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण मौका होगा।
समुद्री साझेदारी और प्रशिक्षण का अनोखा मिशन
आईएनएस सुदर्शिनी की यह यात्रा केवल एक समुद्री अभियान नहीं बल्कि प्रशिक्षण और सहयोग का एक बड़ा मिशन भी है। इस दौरान जहाज मित्र देशों की नौसेनाओं के साथ ट्रेनिंग इंटरेक्शन और समुद्री साझेदारी कार्यक्रमों में हिस्सा लेगा। इस पहल का उद्देश्य समुद्री सहयोग को मजबूत करना और महासागर विजन को आगे बढ़ाना है। लोकयान 26 को सांस्कृतिक कूटनीति का सशक्त प्रतीक माना जा रहा है। इस अभियान के दौरान भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल के 200 से अधिक प्रशिक्षु गहन सेल ट्रेनिंग से गुजरेंगे। यह मिशन भारत के वसुधैव कुटुम्बकम् के विचार को भी आगे बढ़ाता है जिसका उद्देश्य समुद्रों के जरिए सुरक्षा सहयोग और विकास को मजबूत बनाना है।
