देश

असम चुनाव से पहले तीन कांग्रेस विधायक अचानक BJP में शामिल, राजनीति में हलचल मची

अगले असम विधानसभा चुनाव से पहले एक बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। शनिवार (5 मार्च 2026) को तीन निलंबित कांग्रेस विधायक कमलाख्या डे पुरकायस्थ, बसंता दास और शशि कांता दास ने भाजपा का दामन थाम लिया। यह घटना गुवाहाटी में राज्य भाजपा मुख्यालय में हुई, जहां राज्य अध्यक्ष दिलीप सैकिया भी मौजूद थे। इन विधायकों का भाजपा में शामिल होना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर पिछले महीने पूर्व असम कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा के भाजपा में शामिल होने के बाद।

कांग्रेस की उम्मीदों पर लगा झटका, भाजपा का दावा

केंद्र और राज्य सरकार में मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने ANI से बातचीत में कहा कि अन्य पार्टियों के नेता और कार्यकर्ता, विशेष रूप से कांग्रेस के लोग आज भाजपा में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि यह भाजपा की विचारधारा के प्रति समर्थन दिखाता है। पबित्रा मार्गेरिटा ने आगे कहा कि कांग्रेस द्वारा जारी की गई 42 उम्मीदवारों की सूची में “नवीनता” नहीं है। उनके अनुसार, 42 में से लगभग 20 उम्मीदवार पहले भी कई अवसरों पर जनता द्वारा अस्वीकृत किए जा चुके हैं।

असम चुनाव से पहले तीन कांग्रेस विधायक अचानक BJP में शामिल, राजनीति में हलचल मची

बुधवार (4 मार्च 2026) को मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस की उम्मीदवार सूची को “वंशवाद आधारित” बताते हुए आलोचना की। उन्होंने कहा कि भाजपा की सूची में जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा, “एक इसे सूची कह सकता है, लेकिन मैं इसे वंशवादी सूची कहूंगा। भाजपा की सूची में स्थानीय और grassroots नेता शामिल हैं। पार्टी आगामी चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है।”

कांग्रेस उम्मीदवारों की सूची और चुनावी रणनीति

कांग्रेस ने 42 उम्मीदवारों की सूची जारी की है, जिसमें असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोपी (जोरहाट), बिटुपन सैकिया (गोलाघाट), अब्दुस सोबाहन अली सरकार (गौरिपुर), मार्कलाइन मरक (गोलपारा वेस्ट, ST), गिरीश बरुआह (बोंगाईगांव), महानंद सरकार (बारपेटा, SC) और रामेन सिंह रबाहा (बोको-चायगांव, ST) शामिल हैं। इसके अलावा कई महिलाओं को भी उम्मीदवार बनाया गया है, जैसे नंदिता दास (हाजो-सुअल्कुची, SC), पल्लवी सैकिया गोपी (टियोक) और सुरुची रॉय (राम कृष्ण नगर, SC)। भाजपा गठबंधन (NDA) दो लगातार जीत के बाद सत्ता बरकरार रखने की रणनीति पर काम कर रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button