सूर्यकुमार यादव ने कप्तानी में रचा इतिहास फिफ्टी लगाकर बने खास क्लब का हिस्सा

आईपीएल 19वें सीजन का आठवां मुकाबला दिल्ली कैपिटल्स और मुंबई इंडियंस के बीच अरुण जेटली स्टेडियम में खेला गया। इस मैच में मुंबई इंडियंस की टीम अपने नियमित कप्तान हार्दिक पांड्या के बिना मैदान पर उतरी। उनकी अनुपस्थिति में टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी सूर्यकुमार यादव को सौंपी गई। मुंबई इंडियंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 162 रनों का स्कोर खड़ा किया। इस पारी में सूर्यकुमार यादव ने कप्तानी पारी खेलते हुए 51 रन बनाए और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
सूर्यकुमार यादव का कप्तानी में फिफ्टी का कारनामा
इस मुकाबले में अर्धशतक लगाते ही सूर्यकुमार यादव ने आईपीएल इतिहास में मुंबई इंडियंस की कप्तानी करते हुए एक खास उपलब्धि हासिल कर ली। वह अब उन चुनिंदा खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने मुंबई इंडियंस की कप्तानी करते हुए फिफ्टी या उससे अधिक रनों की पारी खेली है। इससे पहले यह उपलब्धि केवल रोहित शर्मा सचिन तेंदुलकर और कायरन पोलार्ड के नाम थी। सूर्यकुमार यादव इस सूची में शामिल होने वाले चौथे खिलाड़ी बन गए हैं। उनकी यह पारी न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि रही बल्कि टीम के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई।

मुंबई इंडियंस के कप्तानों का खास क्लब
मुंबई इंडियंस के इतिहास में कप्तानी करने वाले खिलाड़ियों की सूची में कई बड़े नाम शामिल रहे हैं। लेकिन कप्तानी करते हुए फिफ्टी प्लस स्कोर करने वालों की सूची बेहद सीमित है। इस सूची में रोहित शर्मा सबसे आगे हैं जिन्होंने कप्तान रहते हुए 25 बार 50 या उससे अधिक रनों की पारियां खेली हैं। वहीं सचिन तेंदुलकर ने 11 बार यह कारनामा किया है। कायरन पोलार्ड और अब सूर्यकुमार यादव ने भी इस खास क्लब में अपनी जगह बना ली है। यह उपलब्धि बताती है कि कप्तानी के दबाव के बावजूद इन खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन को उच्च स्तर पर बनाए रखा।
हार्दिक पांड्या का अब तक का रिकॉर्ड
मुंबई इंडियंस के नियमित कप्तान हार्दिक पांड्या भी इस समय टीम का अहम हिस्सा हैं लेकिन वह अब तक कप्तानी करते हुए फिफ्टी प्लस स्कोर करने में सफल नहीं हो पाए हैं। उन्होंने मुंबई इंडियंस के लिए कुल 30 मैचों में कप्तानी की है और 26 पारियों में बल्लेबाजी का मौका मिला है। इन पारियों में उन्होंने 21.8 के औसत से 458 रन बनाए हैं। हालांकि उनके नाम एक भी अर्धशतक दर्ज नहीं है। ऐसे में सूर्यकुमार यादव की यह पारी न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि टीम के भीतर उनकी भूमिका और प्रभाव को भी मजबूत करती है।