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21 साल बाद दोबारा किया शिकार. एंडरसन ने पिता के बाद बेटे को किया आउट

क्रिकेट की दुनिया में कई रिकॉर्ड बनते हैं लेकिन कुछ ऐसे कारनामे होते हैं जो हमेशा के लिए यादगार बन जाते हैं। इंग्लैंड के दिग्गज तेज गेंदबाज James Anderson ने एक ऐसा ही अद्भुत रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उन्होंने 21 साल के लंबे अंतराल में एक ही परिवार की दो पीढ़ियों को आउट करने का कारनामा कर दिखाया है। यह उपलब्धि न सिर्फ उनके लंबे करियर की गवाही देती है बल्कि उनकी फिटनेस और निरंतरता को भी साबित करती है। क्रिकेट इतिहास में इस तरह का कारनामा बेहद दुर्लभ माना जाता है।

पहले पिता फिर बेटा. एक ही परिवार पर एंडरसन का कहर

इस खास उपलब्धि की कहानी भी काफी दिलचस्प है। साल 2005 में James Anderson ने नॉर्थम्पटनशायर के बल्लेबाज David Sales को आउट किया था। अब 21 साल बाद उन्होंने उसी खिलाड़ी के बेटे James Sales को भी पवेलियन भेज दिया। यह घटना लंकाशर और नॉर्थैम्प्टनशर के बीच खेले गए काउंटी मैच में हुई। इस तरह एंडरसन ने एक ही परिवार की दो पीढ़ियों को आउट कर इतिहास रच दिया। यह पल क्रिकेट फैंस के लिए बेहद खास बन गया है।

21 साल बाद दोबारा किया शिकार. एंडरसन ने पिता के बाद बेटे को किया आउट

मैच में भी दिखाया दम. 5 विकेट लेकर टीम को दिलाई बढ़त

इस मुकाबले में James Anderson ने सिर्फ रिकॉर्ड ही नहीं बनाया बल्कि शानदार प्रदर्शन भी किया। उन्होंने इस मैच में कुल 5 विकेट लेकर विपक्षी टीम को बैकफुट पर ला दिया। उनकी घातक गेंदबाजी के सामने नॉर्थैम्प्टनशर की टीम 200 रन के अंदर ही 9 विकेट गंवा बैठी। दिन का खेल खत्म होने तक टीम का स्कोर 215 रन पर 9 विकेट था। इससे पहले लंकाशर ने पहली पारी में 384 रन बनाकर मजबूत स्थिति हासिल कर ली थी। एंडरसन की कप्तानी और गेंदबाजी दोनों ने टीम को बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

43 की उम्र में भी जलवा कायम. अनुभव और फिटनेस का कमाल

करीब 44 साल की उम्र में भी James Anderson का प्रदर्शन युवा खिलाड़ियों को प्रेरित कर रहा है। उन्होंने 2024 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया था लेकिन घरेलू क्रिकेट में अब भी सक्रिय हैं। टेस्ट क्रिकेट में 700 से ज्यादा विकेट लेने वाले एंडरसन दुनिया के सबसे सफल तेज गेंदबाजों में गिने जाते हैं। पिछले सीजन में उन्होंने लंकाशायर की कप्तानी भी संभाली और अब उनका लक्ष्य टीम को फर्स्ट डिवीजन में प्रमोशन दिलाना है। उनका यह सफर दिखाता है कि मेहनत और समर्पण के दम पर उम्र सिर्फ एक संख्या बनकर रह जाती है।

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