सिगरेट पर टैक्स में बड़ा इजाफा, अब पैकेट से सीधे आपकी जेब में लगेगा झटका

अगर आप सिगरेट पीते हैं तो आपके लिए एक बड़ी खबर है। सरकार ने बजट 2026 में तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ा दिया है, जिससे सिगरेट की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है। पहले जो सिगरेट पैकेट 10 रुपये में मिल जाती थी, अब वही कम से कम 20 से 25 रुपये तक बिकेगी। खासकर प्रीमियम ब्रांड की कीमतें इससे भी ज्यादा बढ़ेंगी। यह टैक्स बढ़ोतरी करीब सात साल बाद हुई है और इसका मकसद न सिर्फ राजस्व बढ़ाना है, बल्कि लोगों को तंबाकू उत्पादों से दूर रखना भी है।
सरकार का मकसद: स्वास्थ्य सुधार और राजस्व वृद्धि दोनों
सरकार का तर्क है कि तंबाकू पर टैक्स बढ़ाना वैश्विक स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप जरूरी था। बजट में तंबाकू उत्पादों के लिए नया टैक्स सिस्टम लागू किया गया है जो जीएसटी कम्पनसेशन व्यवस्था की जगह लेगा। इस कदम का मकसद स्मोकिंग को कम करना और इसके दुष्प्रभावों से बचाव करना है। टैक्स बढ़ोतरी के जरिए न केवल स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ेगा, बल्कि इससे सरकार के राजस्व में भी इजाफा होगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे लोगों की तंबाकू से दूरी बढ़ेगी और लंबी अवधि में यह कदम स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए फायदेमंद रहेगा।
सिगरेट की कीमतों में कितनी बढ़ोतरी?
अब 76 मिलीमीटर की सिगरेट की कीमत प्रति पैक लगभग 50 से 55 रुपये तक पहुंच सकती है, लेकिन यह कीमत अलग-अलग ब्रांडों पर निर्भर करेगी। बाजार में सिगरेट के दाम कंपनियां अपनी नई रिवाइज्ड कीमत के अनुसार तय करेंगी। इस बढ़े हुए टैक्स के बाद धूम्रपान की आदत पहले से ज्यादा महंगी हो जाएगी, जिससे कई लोग तंबाकू का सेवन कम करने या छोड़ने की सोच सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम धूम्रपान की लत पर काबू पाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।
बजट के बाद सिगरेट उद्योग और आम उपभोक्ता पर असर
बजट में सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर बड़ा टैक्स बढ़ने से उद्योग में भी हलचल मची है। कंपनियां अपनी कीमतें बढ़ा रही हैं जिससे उपभोक्ताओं की जेब पर असर पड़ेगा। हालांकि यह सरकार की स्वास्थ्य नीति के अनुरूप है, लेकिन इसका असर तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर भी दिखेगा। उपभोक्ताओं को अब ज्यादा खर्च करना होगा और यह उनके लिए एक चेतावनी है कि तंबाकू का सेवन उनके स्वास्थ्य के साथ-साथ वित्तीय स्थिति पर भी भारी पड़ सकता है।