नेपाल चुनाव में रैपर बालेन शाह की पार्टी RSP ने शुरुआती रुझानों में भारी बढ़त बनाई

नेपाल में गुरुवार को हुए ऐतिहासिक आम चुनाव के बाद वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है। शुरुआती रुझानों में काठमांडू के पूर्व मेयर और मशहूर रैपर बालेन शाह की पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) जबरदस्त बढ़त बनाए हुए है। यह नेपाल का पहला आम चुनाव है, जो जेन-जी के हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद आयोजित हुआ। इन प्रदर्शनों ने पुरानी सरकार को सत्ता से हटाने के साथ पूरे राजनीतिक ढांचे को हिलाकर रख दिया। वर्तमान रुझानों को देखते हुए ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि RSP भारी बहुमत के साथ सत्ता में आएगी।

रैपर से नेता तक का सफर
बालेन शाह का सफर नेपाली राजनीति में किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। पहले एक मशहूर रैपर के रूप में उन्होंने समाज में व्याप्त असमानता, भ्रष्टाचार और राजनीतिक अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई। उनका 6 साल पुराना गाना ‘बलिदान’ नेपाल में युवाओं के बीच बहुत लोकप्रिय हुआ। इस गाने ने उन्हें यूट्यूब पर 12 मिलियन से ज्यादा व्यूज दिलाए और स्पॉटीफाई सहित अन्य प्लेटफॉर्म पर भी उनकी पहचान बनाई। गाने में व्यक्त विद्रोह और सामाजिक संदेश ने उन्हें न केवल संगीत के क्षेत्र में बल्कि जनता के बीच भी ख्याति दिलाई।
लोकप्रिय गानों ने खोले राजनीति के दरवाजे
बालेन के गाने समाज की गहरी कुंठाओं को दर्शाते हैं। 2020 में रिलीज हुआ उनका गाना ‘बलिदान’ भ्रष्टाचार, गरीबी और अन्याय पर सीधे प्रहार करता है। इसके अलावा, 2025 के युवा विद्रोह के दौरान उनका गाना ‘नेपाल हसेको’ एक एंथम बन गया और 10 मिलियन से ज्यादा लोगों तक पहुंचा। 2013 में यूट्यूब बैटल रैप सीरीज ‘रॉ बार्ज’ से उन्होंने नेपाली अंडरग्राउंड हिप-हॉप कम्युनिटी में अपनी पहचान बनाई। उनके अन्य चर्चित ट्रैक जैसे ‘सैवेज’ और ‘आम नेपाली बुवा’ ने उनकी लोकप्रियता को और बढ़ाया।
स्वतंत्र और प्रभावशाली नेता की छवि
बालेन शाह का संगीत युवाओं की हताशा और पारंपरिक राजनीति से नाखुशी को दर्शाता है। इसी जुड़ाव ने उन्हें नेफॉप कलाकार से स्वतंत्र राजनीतिक नेता में बदल दिया। आज बालेन केवल गायक नहीं हैं, बल्कि बदलाव और व्यवस्था सुधार का प्रतीक बन चुके हैं। उनकी छवि में युवाओं की आशाओं और आक्रोश का संगम दिखाई देता है, जिससे उनकी पार्टी RSP के भविष्य को लेकर उत्साह और उम्मीदें बढ़ गई हैं।
