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Netflix सब्सक्रिप्शन के नाम पर नई साइबर ठगी I4C ने जारी किया बड़ा अलर्ट

देश में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया तरीका अपनाया है जिसमें वे Netflix जैसे OTT प्लेटफॉर्म के सब्सक्रिप्शन या पेमेंट अपडेट के नाम पर यूजर्स को निशाना बना रहे हैं। भारतीय साइबर क्राइम कंट्रोल विंग I4C ने इस संबंध में चेतावनी जारी की है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। साइबर अपराधी पहले यूजर्स को ‘Hi Dear’ जैसे सामान्य संबोधन वाले मैसेज भेजते हैं और फिर उन्हें यह कहकर भ्रमित करते हैं कि उनका अकाउंट होल्ड हो गया है। इसके बाद वे पेमेंट डिटेल्स अपडेट करने का दबाव बनाते हैं जिससे यूजर फर्जी लिंक पर क्लिक कर देता है और अपनी बैंकिंग जानकारी साझा कर बैठता है।

I4C का अलर्ट और फर्जी पेमेंट मैसेज की पहचान

I4C ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से लोगों को इस तरह के फ्रॉड से सावधान किया है। संस्था ने उदाहरण के तौर पर असली और नकली पेमेंट अलर्ट की तुलना भी साझा की है ताकि यूजर्स आसानी से अंतर समझ सकें। I4C के अनुसार नकली मैसेज में अक्सर ‘Hi Dear’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल होता है जबकि असली मैसेज में यूजर को उसके नाम से संबोधित किया जाता है। इसके अलावा फर्जी मैसेज में दी गई लिंक और URL में भी स्पेलिंग गलतियां या असामान्य डोमेन देखने को मिलते हैं। I4C ने स्पष्ट किया है कि हर पेमेंट अलर्ट पर भरोसा करना सुरक्षित नहीं है और किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी जांच जरूरी है।

Netflix सब्सक्रिप्शन के नाम पर नई साइबर ठगी I4C ने जारी किया बड़ा अलर्ट

कैसे काम करता है साइबर अपराधियों का जाल

साइबर अपराधी आमतौर पर फर्जी वेबसाइट और लिंक बनाते हैं जो देखने में बिल्कुल असली वेबसाइट जैसी लगती हैं। वे यूजर्स को मैसेज भेजकर बताते हैं कि उनका Netflix या किसी अन्य OTT प्लेटफॉर्म का सब्सक्रिप्शन खत्म हो गया है और तुरंत भुगतान करने की जरूरत है। जैसे ही यूजर लिंक पर क्लिक करता है तो वह एक नकली पेज पर पहुंच जाता है जहां उससे बैंक डिटेल्स, कार्ड नंबर, ओटीपी जैसी संवेदनशील जानकारी मांगी जाती है। जैसे ही यूजर यह जानकारी भरता है वैसे ही हैकर्स को उसका एक्सेस मिल जाता है और वे कुछ ही मिनटों में खाते से पैसे निकाल सकते हैं।

सुरक्षित रहने के लिए जरूरी सावधानियां

ऐसे साइबर फ्रॉड से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि किसी भी अनजान मैसेज या लिंक पर तुरंत प्रतिक्रिया न दें। हमेशा आधिकारिक ऐप या वेबसाइट के जरिए ही अपने सब्सक्रिप्शन और पेमेंट की जांच करें। किसी भी मैसेज में दिए गए URL को ध्यान से देखें और यह सुनिश्चित करें कि वह https:// से शुरू हो रहा है और उसमें कोई स्पेलिंग गलती नहीं है। जल्दबाजी में लिया गया निर्णय अक्सर नुकसान का कारण बनता है इसलिए किसी भी संदिग्ध संदेश को पहले अच्छी तरह जांचना चाहिए। I4C ने भी यही सलाह दी है कि यूजर्स केवल विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोतों का ही उपयोग करें और किसी भी स्थिति में अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें।

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