असम में चुनाव से पहले मोदी सरकार का गिफ्ट, रणनीतिक और विकास में बढ़ोतरी होगी

इस साल असम में चुनाव होने वाले हैं। चुनावी माहौल के बीच सभी राजनीतिक पार्टियां असम पर नजर बनाए हुए हैं। केंद्र सरकार भी राज्य में विभिन्न घोषणाओं के जरिए सक्रिय दिख रही है। इसी कड़ी में मोदी सरकार चुनावी असम को 40,000 करोड़ रुपये से अधिक के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स देने की योजना बना रही है। इन प्रोजेक्ट्स से न केवल राज्य की विकास दर बढ़ेगी बल्कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और रणनीतिक सुरक्षा भी मजबूत होगी।
ब्रह्मपुत्र रोड-कम-रेल टनल, यात्रा समय घटाकर 30 मिनट करेगी
इन प्रोजेक्ट्स में सबसे अहम ब्राह्मपुत्र रोड-कम-रेल टनल है। यह प्रोजेक्ट 19,000 करोड़ रुपये की लागत से गोहपुर को नूमालिगढ़ से जोड़ेगा। इस टनल के बनने के बाद यात्रा का समय 6.5 घंटे से घटकर केवल 30 मिनट रह जाएगा। यह टनल न केवल असम के भीतर बल्कि पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में कनेक्टिविटी बढ़ाने में मदद करेगा। रणनीतिक दृष्टि से यह प्रोजेक्ट रक्षा और आपदा प्रबंधन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

टनल की विशेषताएं और रणनीतिक महत्व
सूत्रों के अनुसार, ब्रह्मपुत्र के नीचे बनने वाली इस टनल का डिज़ाइन ट्विन-ट्यूब होगा। एक ट्यूब रोड ट्रैफिक के लिए और दूसरी रेलवे संचालन के लिए अलग रखी जाएगी। इसके साथ ही यह प्रोजेक्ट अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर जैसे राज्यों से कनेक्टिविटी को भी बढ़ाएगा। डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) पहले ही अंतर-मंत्रालयी समिति द्वारा मंजूर की जा चुकी है। पूरा होने पर यह टनल क्षेत्रीय विकास के साथ-साथ सामरिक और आपदा प्रबंधन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी।
आज साउथ ब्लॉक की बैठक में अन्य प्रोजेक्ट्स पर फैसले
आज साउथ ब्लॉक में अंतिम कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने की संभावना है। इन प्रोजेक्ट्स में सड़क और रेलवे से जुड़े अन्य विकास कार्य भी शामिल हैं। बैठक में कुल लागत 40,000 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। पीएम मोदी के असम दौरे से पहले इन प्रोजेक्ट्स को कैबिनेट द्वारा हरी झंडी देने की संभावना है। इस फैसले के बाद न केवल असम बल्कि पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में विकास की नई गति आएगी।
