असम में ULFA (I) का बड़ा हमला, चार सुरक्षा कर्मी घायल और इलाके में सन्नाटा

असम के टिनसुकिया जिले में असम पुलिस कमांडो कैंप पर रविवार सुबह एक आतंकवादी हमले में चार सुरक्षा कर्मी घायल हो गए। इस हमले की जिम्मेदारी अल्टरनेटेड यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (इंडिपेंडेंट) यानी ULFA (I) ने ली है। संगठन ने दावा किया कि यह हमला “ऑपरेशन बुजोनि” का हिस्सा था। उनका कहना है कि यह कार्रवाई असम पुलिस द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाईयों और पिछले साल सेना द्वारा उनके शिविरों पर कथित ड्रोन हमले का बदला लेने के लिए की गई। यह हमला विधानसभा चुनाव से बस कुछ दिन पहले हुआ है।
मुख्यमंत्री हिमंता ने हमला निंदनीय बताया
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि असम पुलिस और सेना ने हमले का तुरंत जवाब देना शुरू कर दिया है। जिन लोगों ने यह हमला किया है उन्हें कानून के हाथों लाया जाएगा। पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह हमला शनिवार-रविवार की मध्यरात्रि लगभग 2:30 बजे हुआ। आतंकवादियों ने कैंप पर कई रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) दागे, जिनमें से पांच विस्फोटित हो गए।

सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की
कैंप में तैनात सुरक्षा बलों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की। अधिकारी के अनुसार सात आतंकवादियों के इस हमले में शामिल होने का संदेह है। अंधेरे का फायदा उठाकर ये सभी अरुणाचल प्रदेश की सीमा पार करके फरार हो गए। यह हमला न केवल सुरक्षा बलों के लिए चुनौतीपूर्ण था बल्कि पूरे इलाके में सुरक्षा के माहौल को भी चिंताजनक बना दिया। स्थानीय लोगों में डर और चिंता का माहौल बना हुआ है।
घायल सुरक्षा कर्मियों का इलाज और स्थिति
हमले में घायल हुए चार सुरक्षा कर्मियों को इलाज के लिए डिब्रूगढ़ स्थित असम मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (AMCH) में भर्ती कराया गया। AMCH के अधीक्षक ध्रुवज्योति भुयान ने बताया कि सभी घायल कर्मी खतरे से बाहर हैं और उनकी स्थिति स्थिर है। अस्पताल प्रशासन ने कहा कि सभी को प्राथमिक उपचार के बाद सुरक्षित रखा गया है। इस घटना के बाद पुलिस और सेना की ओर से इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और आगे किसी भी हमले को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
