दिल्ली आबकारी नीति केस में रिहाई के बाद केजरीवाल का जनता के सामने बड़ा बयान

दिल्ली आबकारी नीति केस में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की रिहाई के बाद आज केजरीवाल ने जनता से सीधे संवाद किया। उन्होंने दिल्ली के जंतर मंतर पर सार्वजनिक बैठक की और कहा कि वह बस कर्मचारियों और बस मार्शलों से भी बात करेंगे। केजरीवाल ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि बीजेपी ने सिर्फ दिल्ली के लोगों के साथ धोखा नहीं किया, बल्कि पूरे दिल्ली को धोखा दिया। उन्होंने कहा, “परसों ही दिल्ली की एक अदालत ने जनता के पक्ष में ऐतिहासिक फैसला सुनाया। मैं जज को धन्यवाद देना चाहता हूं। इस फैसले ने डर और भय के माहौल में भी सच्चाई की जीत दिखाई।”
अदालत ने किया केजरीवाल के सच्चाई को प्रमाणित
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले चार सालों से मोदी और शाह की साजिश चल रही थी कि वह भ्रष्ट हैं। लेकिन अदालत ने 600 पृष्ठों के फैसले में साफ कहा, “मोदी जी, आप झूठ बोल रहे हैं। अरविंद केजरीवाल ईमानदार हैं।” केजरीवाल ने इसे बीजेपी और मोदी जी पर ज़ोरदार तमाचा बताया। उन्होंने कहा कि यह साजिश आम आदमी पार्टी को खत्म करने की थी। अदालत के फैसले ने साबित कर दिया कि उनका चरित्र पूरी तरह से ईमानदार है और जनता के विश्वास के पात्र हैं।

देशभक्ति और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर केजरीवाल की बात
केजरीवाल ने जनता से कहा कि आज वह अपने बारे में नहीं, बल्कि देश के बारे में बात करने आए हैं। उन्होंने अपनी जीवन यात्रा साझा करते हुए बताया कि IIT में पढ़ाई के दौरान भी देश सेवा का मन था। उन्होंने कहा, “मैं अमेरिका जा सकता था, लेकिन देश के लिए रुक गया।” उन्होंने मोदी जी पर हमला करते हुए कहा कि 12 सालों में देश की स्थिति बिगड़ी है और भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने कहा, “देश को विकसित भारत बनाने की बजाय, पहले इसे रहने योग्य भारत बनाइए।” केजरीवाल ने सड़कों, प्रदूषण और प्रशासनिक सुधार के मुद्दों पर मोदी सरकार की नाकामी पर सवाल उठाए।
महिला सुरक्षा और राजनीतिक उत्पीड़न पर तीखी प्रतिक्रिया
केजरीवाल ने कहा कि महिलाओं से डर और राजनीतिक उत्पीड़न उनके खिलाफ चल रही साजिश का हिस्सा है। उन्होंने सोनम वांगचुक, महाराज मलिक और मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी और अमित शाह ने संदेश देने के लिए उन्हें जेल में डाला। उन्होंने कहा कि जनता को यह समझना चाहिए कि उनका उद्देश्य भ्रष्टाचार मिटाना और देश की भलाई करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी ठेकेदार से भी पूछ लें कि उन्होंने कभी रिश्वत ली, और अगर झूठ सामने आया तो राजनीति छोड़ देंगे।
